Edited By Rohini Oberoi,Updated: 03 Apr, 2026 09:25 AM

भारत का अपनी 'बुलेट ट्रेन' का सपना अब हकीकत में बदलने के बेहद करीब है। रेल मंत्रालय ने एक बड़ा अपडेट साझा करते हुए बताया है कि देश की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन (Indigenous Bullet Train) मार्च 2027 तक बनकर तैयार हो जाएगी। यह न केवल रफ़्तार का प्रतीक...
India First Bullet Train : भारत का अपनी बुलेट ट्रेन का सपना अब हकीकत में बदलने के बेहद करीब है। रेल मंत्रालय ने एक बड़ा अपडेट साझा करते हुए बताया है कि देश की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन (Indigenous Bullet Train) मार्च 2027 तक बनकर तैयार हो जाएगी। यह न केवल रफ्तार का प्रतीक होगी बल्कि आत्मनिर्भर भारत की ताकत को भी पूरी दुनिया के सामने पेश करेगी।
बेंगलुरु और चेन्नई की जुगलबंदी से तैयार हो रही ट्रेन
देश की इस पहली हाई-स्पीड ट्रेन के निर्माण का जिम्मा बेंगलुरु स्थित BEML को सौंपा गया है। चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) ने ट्रेन के डिजाइन और निर्माण की जिम्मेदारी BEML को दी है। मंत्रालय के अनुसार 2027 की पहली तिमाही तक दो ट्रेन सेट पूरी तरह तैयार हो जाएंगे जिसके बाद इनके कड़े सुरक्षा परीक्षण (Trials) शुरू होंगे।

280 किमी प्रति घंटे की रफ्तार का लक्ष्य
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डिजाइन स्पीड: इस स्वदेशी ट्रेन को 280 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने के लिए डिजाइन किया गया है।
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ऑपरेटिंग स्पीड: शुरुआती चरण में इसे 250 किमी प्रति घंटे की सुरक्षित रफ्तार पर चलाया जाएगा।
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पहला रूट: बुलेट ट्रेन सबसे पहले सूरत और वापी के बीच 97 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर अपनी रफ्तार दिखाएगी। इस हिस्से को अगस्त 2027 तक यात्रियों के लिए खोलने की योजना है।

कितना आएगा खर्च और क्या होंगी सुविधाएं?
यह बुलेट ट्रेन आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस होगी। प्रत्येक बुलेट ट्रेन में 8 कोच होंगे। एक कोच की कीमत करीब ₹27.86 करोड़ है जबकि पूरे ट्रेन सेट की योजना पर ₹866.87 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। सभी कोच पूरी तरह वातानुकूलित (AC) और चेयर कार वाले होंगे। यात्रियों के आराम के लिए इसमें रोटेटिंग सीटें (360° घूमने वाली) लगाई जाएंगी।
मुंबई-अहमदाबाद का सफर होगा आसान
पूरी परियोजना के तहत यह ट्रेन 508 किलोमीटर लंबे मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर चलेगी। वर्तमान में इस दूरी को तय करने में 6-7 घंटे लगते हैं लेकिन बुलेट ट्रेन शुरू होने के बाद यह सफर मात्र 2 से 2.5 घंटे का रह जाएगा।