Edited By Rahul Rana,Updated: 31 Jul, 2026 05:17 PM

दिल्ली का श्रद्धा वालकर हत्याकांड मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने आज उस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया जिसमें आफताब पूनावाला के खिलाफ़ ट्रायल को एक तय समय-सीमा में पूरा करने की मांग की गई थी।
श्रद्धा वालकर हत्याकांड: दिल्ली का श्रद्धा वालकर हत्याकांड मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने आज उस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया जिसमें आफताब पूनावाला के खिलाफ़ ट्रायल को एक तय समय-सीमा में पूरा करने की मांग की गई थी। आफताब पर 2022 में अपनी लिव-इन पार्टनर श्रद्धा वालकर की हत्या करने और उसके शव के टुकड़े-टुकड़े करने का आरोप है। जस्टिस मधु जैन की बेंच ने कहा कि ऐसे किसी निर्देश की ज़रूरत नहीं है क्योंकि ट्रायल कोर्ट पहले से ही रोज़ाना सुनवाई कर रहा है और मामले को जल्द से जल्द खत्म करने की हर संभव कोशिश कर रहा है।
भाई की याचिका पर सुनवाई
दिल्ली हाई कोर्ट श्रद्धा वालकर के भाई की याचिका पर सुनवाई कर रहा था। उन्होंने कोर्ट को बताया कि वालकर का परिवार उसका अंतिम संस्कार नहीं कर पाया है क्योंकि उसके शरीर के अवशेष अभी भी जांच एजेंसी और ट्रायल कोर्ट की कस्टडी में हैं। यह अवशेष ट्रायल खत्म होने के बाद ही सौंपे जाएंगे। हालांकि, वालकर के भाई ने चिंता जताई कि अगर ट्रायल इसी रफ्तार से चलता रहा, तो अगले पांच सालों में इसके खत्म होने की संभावना कम है। उनके वकील ने कहा कि ट्रायल कोर्ट के ही आदेश से पता चलता है कि अभी 48 गवाहों से पूछताछ होनी बाकी है।
157 गवाहों से हुई पूछताछ
सरकार के वकील ने बताया कि कुल 222 गवाहों में से 157 से पूछताछ हो चुकी है। छह गवाहों से पूछताछ अभी बाकी है। उन्होंने कहा कि चौदह गवाहों से जिरह होनी बाकी है। दिल्ली पुलिस की ओर से पेश सीनियर वकील अमित प्रसाद ने कहा, "इस मामले की सुनवाई रोज़ाना होगी।" उन्होंने कोर्ट को यह भी बताया कि ट्रायल कोर्ट ने मई 2026 के एक आदेश में आरोपी को नोटिस दिया था ताकि यह पक्का किया जा सके कि उसका वकील नियमित रूप से पेश हो और वीकेंड को छोड़कर रोज़ाना सुनवाई हो रही है।