Edited By Ramanjot,Updated: 02 Apr, 2026 11:23 AM

दिल्ली सरकार ने 'लाड़ली योजना' के स्थान पर नई 'लखपति बिटिया योजना' लागू की है। इस योजना के तहत पात्र बालिकाओं को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक विभिन्न चरणों में कुल ₹61,000 की वित्तीय सहायता दी जाएगी, जो ब्याज सहित ₹1.20 लाख हो जाएगी।
नेशनल डेस्क: दिल्ली सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए 'दिल्ली लखपति बिटिया योजना' (Delhi Lakhpati Bitiya Yojana) की औपचारिक शुरुआत कर दी है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह नई योजना तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है और इसने पुरानी 'लाडली स्कीम' का स्थान ले लिया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने तक विभिन्न चरणों में वित्तीय सहायता प्रदान कर उनके भविष्य को सुरक्षित बनाना है।
₹1.20 लाख तक का वित्तीय सुरक्षा चक्र
योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को अलग-अलग पड़ावों पर सरकार की ओर से कुल ₹61,000 की सहायता राशि दी जाएगी। यह राशि निवेश के माध्यम से लड़की के 18 या 21 वर्ष की आयु पूरी होने तक ब्याज सहित लगभग ₹1.20 लाख हो जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह रकम किश्तों में जमा की जाएगी, लेकिन इसे लाभार्थी लड़की के बालिग होने पर ही निकाला जा सकेगा।
चरणबद्ध सहायता: जन्म से ग्रेजुएशन तक का सफर
योजना के तहत मिलने वाली राशि का विवरण इस प्रकार है:
जन्म के समय: ₹11,000 की पहली किश्त।
स्कूली शिक्षा (कक्षा 1, 6, 9, 11 और 12): प्रत्येक स्तर पर प्रवेश लेने पर ₹5,000 की सहायता।
प्रोफेशनल कोर्स/डिप्लोमा: एक वर्षीय डिप्लोमा के लिए ₹10,000 और 2-3 साल के डिप्लोमा के लिए ₹20,000।
उच्च शिक्षा: चार वर्षीय स्नातक (Graduation) प्रोग्राम के लिए ₹25,000 तक की विशेष मदद।
पात्रता की शर्तें और नियम
सरकार ने योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ कड़े मापदंड निर्धारित किए हैं:
निवास: लड़की का जन्म दिल्ली में होना अनिवार्य है और अभिभावक आवेदन से कम से कम 3 साल पहले से दिल्ली के निवासी होने चाहिए।
आय सीमा: परिवार की वार्षिक आय ₹1.20 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
सीमा: यह लाभ एक परिवार की अधिकतम दो लड़कियों तक ही सीमित रहेगा।
शिक्षा संस्थान: लाभार्थी का दिल्ली के किसी सरकारी, MCD, NDMC या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त स्कूल में पढ़ना अनिवार्य है।