Edited By Anu Malhotra,Updated: 18 Feb, 2026 01:16 PM

सब्जी, दूध और राशन की झटपट डिलीवरी के लिए मशहूर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म Blinkit अब एक बेहद संगीन मामले में फंस गया है। जिस ऐप का इस्तेमाल लोग रसोई का सामान मंगाने के लिए करते हैं, वहां से 'मौत का सामान' यानी प्रतिबंधित बटनदार चाकू बेचे जाने का चौंकाने...
नेशनल डेस्क: सब्जी, दूध और राशन की झटपट डिलीवरी के लिए मशहूर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म Blinkit अब एक बेहद संगीन मामले में फंस गया है। जिस ऐप का इस्तेमाल लोग रसोई का सामान मंगाने के लिए करते हैं, वहां से 'मौत का सामान' यानी प्रतिबंधित बटनदार चाकू बेचे जाने का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और अब प्रबंधन पर कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी है।
मर्डर मिस्ट्री से खुला 'ऑनलाइन हथियारों' का राज
इस पूरे मामले की शुरुआत पश्चिमी दिल्ली के ख्याला इलाके में हुई दो हत्याओं से हुई। जब पुलिस ने कत्ल के आरोपियों को दबोचा और उनसे हथियार के बारे में पूछताछ की, तो उनके जवाब ने अधिकारियों के होश उड़ा दिए। आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने हत्या में इस्तेमाल किए गए घातक बटनदार चाकू किसी अपराधी से नहीं, बल्कि Blinkit ऐप से ऑर्डर करके मंगाए थे।
पुलिस ने खुद 'कस्टमर' बनकर की पुष्टि
शुरुआत में पुलिस को आरोपियों के दावे पर यकीन नहीं हुआ, लेकिन सच्चाई जानने के लिए दिल्ली पुलिस ने एक जाल बिछाया। पुलिस टीम ने खुद एक साधारण ग्राहक बनकर Blinkit ऐप से बटनदार चाकू का ऑर्डर दिया। महज कुछ ही मिनटों में जब ऑर्डर की डिलीवरी हुई, तो पुलिस के सामने हकीकत आ गई। कानूनन भारत में 'स्विच ब्लेड' या बटन वाले चाकुओं की बिक्री और उन्हें पास रखना प्रतिबंधित है, क्योंकि इनका इस्तेमाल अक्सर आपराधिक गतिविधियों में किया जाता है।
छापेमारी में हथियारों का जखीरा बरामद और FIR
पुष्टि होते ही दिल्ली पुलिस ने एक्शन मोड में आते हुए शहर के कई Blinkit डार्क स्टोर्स (गोदामों) पर छापेमारी शुरू कर दी। इस तलाशी अभियान के दौरान दर्जनों की संख्या में अवैध बटनदार चाकू बरामद किए गए। पुलिस ने अब कंपनी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह अवैध कारोबार कब से चल रहा था और अब तक कितने लोग इन हथियारों को घर बैठे मंगवा चुके हैं। Blinkit के मैनेजमेंट को भी नोटिस भेजकर जवाब तलब किया जा रहा है, जिससे कंपनी की मुश्किलें आने वाले दिनों में और बढ़ सकती हैं।