Edited By Mehak,Updated: 18 Feb, 2026 06:42 PM

अगर आपको छोटी-छोटी बातों पर अक्सर गुस्सा आता है, तो यह सिर्फ मानसिक प्रतिक्रिया नहीं बल्कि दिल के लिए भी खतरनाक हो सकता है। हालिया अध्ययन में पाया गया कि केवल आठ मिनट का तीव्र गुस्सा ब्लड वेसल्स की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकता है और यह असर करीब...
नेशनल डेस्क : अगर आपको छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आता है, तो इसे हल्के में न लें। एक हालिया स्टडी में यह सामने आया है कि गुस्सा केवल मानसिक प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि यह शरीर और दिल के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकता है। रिसर्च में पाया गया कि केवल आठ मिनट का तीव्र गुस्सा भी शरीर की ब्लड वेसल्स (धमनियों) पर असर डाल सकता है और यह असर लगभग 40 मिनट तक बना रह सकता है।
अमेरिका में हुई रिसर्च
अमेरिका के कई संस्थानों के शोधकर्ताओं ने 280 स्वस्थ वयस्कों पर यह अध्ययन किया। प्रतिभागियों को चार समूहों में बांटा गया। कुछ लोगों से कहा गया कि वे आठ मिनट तक किसी ऐसी घटना को याद करें जिससे उन्हें गुस्सा आया हो। कुछ लोगों को उदासी या चिंता की याद दिलाई गई, जबकि एक समूह को तटस्थ रहने के लिए सिर्फ गिनती बोलने को कहा गया। इसके बाद वैज्ञानिकों ने प्रतिभागियों की ब्लड वेसल्स की कार्यक्षमता जांची, खासकर यह कि वे कितनी अच्छी तरह फैल सकती हैं।
क्या निकला रिजल्ट?
परिणाम चौंकाने वाले थे। जिन लोगों ने गुस्से वाली घटना को याद किया, उनमें ब्लड वेसल्स की फैलने की क्षमता में स्पष्ट कमी देखी गई। जबकि उदासी या चिंता महसूस करने वाले समूह में ऐसा कोई असर नहीं पाया गया।
शोधकर्ताओं के अनुसार, गुस्सा अन्य नकारात्मक भावनाओं की तुलना में दिल पर अधिक दबाव डालता है। गुस्सा होने पर शरीर में स्ट्रेस हार्मोन जैसे कोर्टिसोल और एड्रेनालिन तेजी से बढ़ते हैं। ये हार्मोन धमनियों की भीतरी परत को संकुचित कर देते हैं, जिससे रक्त प्रवाह प्रभावित होता है और रक्तचाप बढ़ सकता है। एक बार का गुस्सा आमतौर पर स्थायी नुकसान नहीं करता, लेकिन अगर गुस्सा बार-बार आता रहे, तो ब्लड वेसल्स को सामान्य होने का पर्याप्त समय नहीं मिलता। लंबे समय में यह प्लाक जमने, हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा बढ़ा सकता है।
एक्सपर्ट की सलाह
विशेषज्ञों का मानना है कि गुस्से को हल्के में लेना सही नहीं है। अक्सर चिड़चिड़ा रहने वाले या छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा होने वाले लोगों को तनाव कम करने के उपाय अपनाने चाहिए।
कुछ प्रभावी तरीके:
- गहरी सांस लेना और रिलैक्स करना
- नियमित एक्सरसाइज और योग
- ध्यान (Meditation) करना
- जरूरत पड़े तो काउंसलर या थेरेपिस्ट से परामर्श
इन तरीकों से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि दिल और ब्लड वेसल्स की सेहत भी सुरक्षित रहती है।