Edited By Radhika,Updated: 22 Jul, 2026 12:11 PM

कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर आरोप लगाया है कि उनके इस्तीफे की मांग किसी एक मुद्दे पर आधारित नहीं है, बल्कि शिक्षा मंत्रालय में उनके कार्यकाल के दौरान सामने आई विफलताओं और कथित भ्रष्टाचार की लंबी श्रृंखला के कारण की जा रही है।...
नेशनल डेस्क: कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर आरोप लगाया है कि उनके इस्तीफे की मांग किसी एक मुद्दे पर आधारित नहीं है, बल्कि शिक्षा मंत्रालय में उनके कार्यकाल के दौरान सामने आई विफलताओं और कथित भ्रष्टाचार की लंबी श्रृंखला के कारण की जा रही है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने बुधवार को यहां एक बयान में श्री प्रधान पर कड़ा हमला करते हुए कहा कि वह एक उदासीन, असंवेदनशील, अयोग्य और आदतन झूठ बोलने वाले व्यक्ति हैं करोड़ों छात्रों की आकांक्षाओं को गहरा आघात पहुंचाने के बावजूद श्री प्रधान इस्तीफा देने से इनकार कर रहे हैं और सोशल मीडिया के जरिए अपना अहंकार प्रदर्शित कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि श्री प्रधान के कार्यकाल में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) लगातार विफल रही। वर्ष 2024 में कई परीक्षाओं के पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने की घटनाएं हुईं तथा 2026 में नीट-यूजी और यूजीसी-नेट समाजशास्त्र परीक्षा के पेपर लीक के मामले सामने आए। उनका आरोप है कि श्री प्रधान ने आधिकारिक तौर पर पेपर लीक से इनकार किया और संसद की शिक्षा संबंधी स्थायी समिति की सिफारिशों को स्वीकार नहीं किया।
रमेश ने कहा कि सीबीएसई की कक्षा 12 की ऑन स्क्रीन माकिर्ंग सिस्टम (ओएसएम) की खरीद में अनियमितताएं हुईं, लेकिन जांच आयोग की रिपोटर् अब तक सार्वजनिक नहीं की गई। केंद्रीय विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्तियां राजनीतिक निष्ठा के आधार पर की गईं और कई विश्वविद्यालयों में भ्रष्टाचार तथा तानाशाही रवैये के आरोप लगे। मंत्रालय के अन्य स्वायत्त संस्थानों, जिनमें एनएएसी, टीआईएसएस और आईसीएचआर शामिल हैं, में भी भ्रष्टाचार के मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि यह पूरी तस्वीर का केवल एक छोटा-सा हिस्सा है और शिक्षा मंत्री के रूप में श्री प्रधान के कार्यकाल का पूरा ब्यौरा जल्द ही देश के सामने रखा जाएगा।