दिशा सालियान केस में CBI का बड़ा कदम: तेज-तर्रार अफसर Seema Pahuja को सौंपी जांच की कमान

Edited By Updated: 16 Sep, 2026 10:42 AM

disha salian sushant singh rajput cbi officer seema pahuja

दिवंगत बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत से जुड़े मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर दर्ज की गई इस FIR की निष्पक्ष  जांच के लिए CBI की अनुभवी पुलिस...

मुंबई: दिवंगत बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत से जुड़े मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर दर्ज की गई इस FIR की निष्पक्ष  जांच के लिए CBI की अनुभवी पुलिस अधीक्षक (SP) सीमा पाहुजा को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे आपराधिक मामलों की जांच में अपने अनुभव का लाभ इस हाई-प्रोफाइल केस में देंगी। दिशा सालियन की मौत के छह साल बाद, अब इस मामले की जांच CBI कर रही है। बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश पर, केंद्रीय एजेंसी ने हाल ही में FIR दर्ज की और मामले की जांच शुरू की। हालांकि, अभी तक FIR में किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं बनाया गया है।

 कौन हैं सीमा पाहुजा?
सीमा पाहुजा अभी दिल्ली में CBI मुख्यालय की स्पेशल क्राइम्स यूनिट में SP के पद पर तैनात हैं। वे पहले CBI की चंडीगढ़ यूनिट में काम कर चुकी हैं और अपने करियर के दौरान कई संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल आपराधिक मामलों की जांच संभाल चुकी हैं।  जिनमें कोलकाता का RG कर मेडिकल कॉलेज केस, उत्तर प्रदेश का हाथरस और उन्नाव कांड, तथा शिमला का चर्चित 'गुड़िया' रेप-मर्डर केस शामिल हैं।

शिमला केस की जांच के दौरान आधुनिक फोरेंसिक तकनीकों का इस्तेमाल करने के लिए उनकी टीम की तारीफ भी हुई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीमा पाहुजा को 2021 में 'बेस्ट इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर' के तौर पर गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया था।

दिशा सालियन केस की जांच 
CBI की एक टीम अब दिशा सालियन की मौत से जुड़े मौजूदा रिकॉर्ड और उपलब्ध सबूतों की फिर से जांच करेगी। जांच के शुरुआती चरण में, उन लोगों के बयान दर्ज किए जाएंगे जो उनकी मौत से पहले, 8 जून 2020 की रात को उनके मंगेतर रोहन राय के घर पर हुई पार्टी में शामिल हुए थे। इसके अलावा, जांच में उस समय पुलिस द्वारा की गई पूछताछ, घटना स्थल के रिकॉर्ड, फोरेंसिक सामग्री और अन्य उपलब्ध दस्तावेजों को भी शामिल किया जाएगा।

गौरतलब है कि दिशा 8 जून 2020 को मृत पाई गई थीं। खबरों के मुताबिक, वे मुंबई में एक इमारत से गिर गई थीं। उनकी मौत सुशांत सिंह राजपूत के बांद्रा स्थित घर पर मृत पाए जाने से कुछ ही दिन पहले हुई थी। इन दोनों मौतों के बीच कम समय का अंतर होने के कारण, लोगों के मन में इन मामलों के बीच किसी संभावित संबंध को लेकर काफी अटकलें लगाई गईं। हालांकि, अब CBI की जांच के तहत दिशा की मौत से जुड़े हालात की नए सिरे से जांच की जा रही है।

CBI के सामने क्या रहेंगी चुनौती
दिशा सालियान की मौत को 6 साल से ज़्यादा का समय बीत चुका है। ऐसे में, जांच एजेंसी के सामने पुराने सबूतों, रिकॉर्ड और गवाहों से जुड़ी जानकारी की फिर से समीक्षा करने की चुनौती है। CBI ने ज़रूरी दस्तावेज़ और रिकॉर्ड इकट्ठा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि CBI की FIR में कई लोगों के नाम और अलग-अलग आरोप शामिल हैं, लेकिन बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार FIR में किसी को भी सीधे तौर पर आरोपी नहीं बनाया गया है।  


 

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!