Edited By Anu Malhotra,Updated: 18 Sep, 2026 02:54 PM

गणेशोत्सव 2026 के भव्य अवसर पर मुंबई के सबसे मशहूर 'लालबागचा राजा' पंडाल में श्रद्धालुओं की आस्था और दान का अद्भुत नज़ारा देखने को मिला है। उत्सव के पहले ही दिन दानपात्र (हुंडी) में नकद राशि, कीमती धातु और अनोखे चढ़ावे का बड़ा अंबार लग गया।
मुंबई: गणेशोत्सव 2026 के भव्य अवसर पर मुंबई के सबसे मशहूर 'लालबागचा राजा' पंडाल में श्रद्धालुओं की आस्था और दान का अद्भुत नज़ारा देखने को मिला है। उत्सव के पहले ही दिन दानपात्र (हुंडी) में नकद राशि, कीमती धातु और अनोखे चढ़ावे का बड़ा अंबार लग गया।
लालबागचा राजा गणपति पंडाल का दान पात्र (डोनेशन बॉक्स) इस हफ़्ते की शुरुआत में खोला जा रहा है। दान में नकद, सोने के गहने और खास तौर पर नक्काशी किया हुआ क्रिकेट बैट शामिल था। ये चढ़ावा मंगलवार, 15 सितंबर को दिखाया गया, जो गणेशोत्सव 2026 के पहले दिन के ठीक बाद का दिन था। सोशल मीडिया और समाचार चैनलों पर सामने आए वीडियो में समिति के सदस्य ज़मीन पर फैले नोटों के ढेर को संभालते और नोटों की छंटाई करते दिखे।
वीडियो में आयोजन समिति के सदस्य और अन्य अधिकारी ज़मीन पर फैले दान के बड़े ढेर से अलग-अलग मूल्य के नोटों को छांटते हुए दिखाई दे रहे हैं। एक मेज़ पर सोने-चांदी के गहने और दूसरी कीमती चीज़ें भी दिखाई गई हैं। इसमें अमेरिकी डॉलर से बनी एक बड़ी माला भी दिख रही है।
गिनती की प्रक्रिया पूरी करने के लिए बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र के कर्मचारियों, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के कर्मियों और आयोजन समिति के सदस्यों व सलाहकार सदस्यों की एक टीम वहां मौजूद थी। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, पहले दो दिनों में ही 1.37 करोड़ रुपये से अधिक की नकद राशि जमा हो चुकी है।
मंडल के कोषाध्यक्ष मंगेश दलवी ने बताया कि श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए इस दान का उपयोग जनसेवा के कार्यों में किया जाएगा। उन्होंने कहा, "इन दस दिनों में जो भी पैसा जमा होता है, वह सब हमारी अलग-अलग पहलों में जाता है। हमारे पास एक डायलिसिस सेंटर, मरीज़ों के लिए एक योजना, एक कंप्यूटर सेंटर, एक लाइब्रेरी और हमारा बुक बैंक है, और यह सारा पैसा उन्हीं पहलों में जाता है।" दलवी ने कहा कि गणेशोत्सव की शुरुआत गणेश चतुर्थी से होती है, जो भगवान गणेश के जन्म का हिंदू त्योहार है। इस साल यह त्योहार 12 दिनों तक चलेगा।