Edited By Pardeep,Updated: 01 May, 2026 03:49 AM

दिल्ली में रहने वाले लाखों यात्रियों के लिए आज से सफर करना काफी महंगा होने जा रहा है। 1 मई से दिल्ली में ई-रिक्शा का न्यूनतम किराया 10 रुपये से बढ़ाकर 20 रुपये कर दिया गया है। किराये में सीधे 100 प्रतिशत की इस वृद्धि का सीधा असर उन लोगों की जेब पर...
नई दिल्ली: दिल्ली में रहने वाले लाखों यात्रियों के लिए आज से सफर करना काफी महंगा होने जा रहा है। 1 मई से दिल्ली में ई-रिक्शा का न्यूनतम किराया 10 रुपये से बढ़ाकर 20 रुपये कर दिया गया है। किराये में सीधे 100 प्रतिशत की इस वृद्धि का सीधा असर उन लोगों की जेब पर पड़ेगा जो मेट्रो स्टेशनों या बस स्टैंडों से अपने घर या ऑफिस जाने के लिए ई-रिक्शा का सहारा लेते हैं।
इलेक्ट्रिक व्हीकल फेडरेशन ने लिया फैसला
ई-रिक्शा के किराये में बढ़ोतरी का यह निर्णय इलेक्ट्रिक व्हीकल फेडरेशन द्वारा लिया गया है। फेडरेशन का तर्क है कि साल 2010 के बाद से ई-रिक्शा के किराये में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई थी, जबकि इस दौरान ऑटो और टैक्सी के दाम दो बार बढ़ाए जा चुके हैं। चालकों का कहना है कि बढ़ती महंगाई और मेंटेनेंस के खर्च को देखते हुए पुराना किराया काफी कम था।
लाखों यात्री होंगे प्रभावित
दिल्ली में 'लास्ट माइल कनेक्टिविटी' के लिए ई-रिक्शा सबसे महत्वपूर्ण साधन माना जाता है। आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में इस समय 2 लाख 6 हजार से ज्यादा आधिकारिक रूप से पंजीकृत ई-रिक्शा हैं। इसके अलावा, करीब 1.5 लाख ई-रिक्शा बिना पंजीकरण के भी सड़कों पर दौड़ रहे हैं। ऐसे में किराये में हुई इस भारी बढ़ोतरी से हर दिन सफर करने वाले लाखों यात्रियों का बजट बिगड़ना तय है।
चालकों को राहत, जनता पर बोझ
इस फैसले से जहां एक ओर ई-रिक्शा चालकों को आर्थिक रूप से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं आम जनता के लिए यह किसी झटके से कम नहीं है। मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोग जो ई-रिक्शा का उपयोग सस्ता साधन समझकर करते थे, अब उनके लिए यात्रा महंगी हो जाएगी।