Edited By Anu Malhotra,Updated: 29 Apr, 2026 11:27 AM

property registration 2026: अगर आप भी घर या जमीन खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो आने वाले बदलाव आपके लिए काफी अहम हो सकते हैं। दरअसल, गुरुग्राम में हाल ही में सर्कल रेट में भारी बढ़ोतरी की गई है, जबकि उत्तर प्रदेश में RERA के नए नियमों ने प्रॉपर्टी...
property registration 2026: अगर आप भी घर या जमीन खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो आने वाले बदलाव आपके लिए काफी अहम हो सकते हैं। दरअसल, गुरुग्राम में हाल ही में सर्कल रेट में भारी बढ़ोतरी की गई है, जबकि उत्तर प्रदेश में RERA के नए नियमों ने प्रॉपर्टी बाजार में हलचल मचा दी है। ये सभी बदलाव 1 मई से लागू होने के साथ रियल एस्टेट सेक्टर पर सीधा असर डालेंगे।
गुरुग्राम में सर्कल रेट में बढ़ोतरी
गुरुग्राम में कई इलाकों में सर्कल रेट 10% से लेकर 75% तक बढ़ा दिए गए हैं। खासकर सेक्टर 15 और Dwarka Expressway जैसे प्रीमियम इलाके में अब प्रॉपर्टी रजिस्ट्री कराना पहले की तुलना में काफी महंगा हो जाएगा। सरकार के इस फैसले के बाद यहां जमीन और घर खरीदने की कुल लागत बढ़ जाएगी, जिसका असर खरीदारों की जेब पर साफ दिखाई देगा।
वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश में RERA ने नियमों को और सख्त और पारदर्शी बनाने के लिए बदलाव किए हैं। अब ऐसे प्रोजेक्ट्स में भी शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी जो रेरा में रजिस्टर्ड नहीं हैं। इसके अलावा प्रॉपर्टी ट्रांसफर फीस को नियंत्रित करते हुए अधिकतम ₹1,000 तक सीमित कर दिया गया है, जिससे आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
नए नियमों के तहत अब पत्नी के नाम पर खरीदी जाने वाली प्रॉपर्टी के लिए भी वित्तीय स्रोतों का प्रमाण देना जरूरी हो सकता है। सरकार बेनामी संपत्ति पर रोक लगाने के लिए बैंक स्टेटमेंट, income tax return और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की जांच को और सख्त कर रही है। इसके साथ ही प्रॉपर्टी रजिस्ट्री प्रक्रिया को डिजिटल और सुरक्षित बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। अब आधार आधारित वेरिफिकेशन और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन को अनिवार्य किया जा रहा है, जिससे धोखाधड़ी के मामलों में कमी आने की उम्मीद है और रजिस्ट्री प्रक्रिया ज्यादा आसान और पारदर्शी हो सकेगी।
रियल एस्टेट बाजार के ताजा रुझानों के अनुसार Delhi-NCR में लग्जरी घरों की मांग लगातार बढ़ रही है। गुरुग्राम और नोएडा जैसे इलाकों में प्रीमियम प्रॉपर्टी की कीमतों में तेजी देखी जा रही है, जहां मांग सप्लाई से अधिक बनी हुई है।