Edited By Pardeep,Updated: 12 Mar, 2026 10:34 PM

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध के असर को लेकर नरेंद्र मोदी ने चिंता जताई है।
नेशनल डेस्कः मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध के असर को लेकर नरेंद्र मोदी ने चिंता जताई है। एनएक्सटी समिट को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा ऊर्जा संकट देश के लिए एक बड़ी परीक्षा की घड़ी है और इससे कोई भी देश अछूता नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि इस तरह के वैश्विक संकटों का सामना शांति और धैर्य के साथ करना चाहिए।
युद्ध ने दुनिया को गंभीर ऊर्जा संकट में धकेला
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक बड़े युद्ध ने पूरी दुनिया को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है। ऐसे समय में यह बहुत महत्वपूर्ण है कि एक देश के रूप में हम इस चुनौती का सामना कैसे करते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें 140 करोड़ भारतीयों पर पूरा भरोसा है कि जैसे देश ने कोरोना महामारी के दौरान एकजुट होकर संकट का सामना किया था, वैसे ही इस ऊर्जा संकट से भी भारत मजबूती से बाहर निकल जाएगा।
LPG को लेकर दहशत फैलाने की कोशिश: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ लोग LPG को लेकर लोगों में डर और दहशत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। बिना किसी राजनीतिक टिप्पणी के उन्होंने कहा कि ऐसा करने वाले लोग खुद ही बेनकाब हो रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि इस तरह के बड़े संकट से निपटने में हर किसी की अहम भूमिका होती है, चाहे वह राजनीतिक दल हों, मीडिया हो, युवा हों या शहर और गांव के लोग।
दुनिया के लिए अहम बनता जा रहा है भारत
प्रधानमंत्री ने कहा कि कई वैश्विक संकटों के बावजूद दुनिया के नेता और विशेषज्ञ बड़ी उम्मीदों के साथ India की ओर देख रहे हैं। इससे भारत की जिम्मेदारियां भी बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा कि कई वैश्विक नेताओं का मानना है कि भारत पूरी दुनिया के लिए एक अहम केंद्र बिंदु बनता जा रहा है। दुनिया कठिन दौर से गुजर रही है, लेकिन भारत तेजी और स्थिरता के साथ आगे बढ़ रहा है।
भारत के पास 50 लाख टन से ज्यादा स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि पेट्रोल और डीजल के क्षेत्र में भारत ने क्षमता बढ़ाने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले भारत के पास स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व लगभग नहीं के बराबर था, लेकिन आज देश के पास 50 लाख टन से अधिक का स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व मौजूद है और इसे और बढ़ाने पर काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि ऊर्जा के लिए विदेशों पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर दे रही है।
LPG कनेक्शन और LNG टर्मिनल में बड़ी बढ़ोतरी
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि साल 2014 तक देश में केवल 14 करोड़ एलपीजी कनेक्शन थे, जबकि आज इनकी संख्या बढ़कर 33 करोड़ से अधिक हो गई है। इसी तरह एलएनजी टर्मिनलों की संख्या भी बढ़ी है। 2014 में देश में सिर्फ 4 एलएनजी टर्मिनल थे, जबकि अब इनकी संख्या दोगुनी हो चुकी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन कदमों का मकसद यही है कि भारत की ऊर्जा व्यवस्था मजबूत हो और देश भविष्य में आने वाले किसी भी संकट का बेहतर तरीके से सामना कर सके।