Edited By Mansa Devi,Updated: 20 Mar, 2026 04:49 PM

आज के समय में इलेक्ट्रिक कार (EV) तेजी से लोगों की पहली पसंद बन रही हैं। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और पर्यावरण को लेकर बढ़ती जागरूकता के चलते लोग अब इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख कर रहे हैं।
नेशनल डेस्क: आज के समय में इलेक्ट्रिक कार (EV) तेजी से लोगों की पहली पसंद बन रही हैं। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और पर्यावरण को लेकर बढ़ती जागरूकता के चलते लोग अब इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख कर रहे हैं। EV खरीदते समय या इस्तेमाल करते हुए सबसे अहम सवाल इसकी बैटरी को लेकर ही होता है आखिर बैटरी कितने समय तक चलती है और कब उसे बदलना चाहिए? इसी को ध्यान में रखते हुए आइए आसान भाषा में समझते हैं बैटरी से जुड़ी जरूरी बातें:
बैटरी की लाइफ कितनी होती है?
इलेक्ट्रिक कार की बैटरी आमतौर पर 5 से 8 साल या करीब 1.5 से 2 लाख किलोमीटर तक सही तरीके से काम करती है। इसके बाद धीरे-धीरे इसकी क्षमता कम होने लगती है। बैटरी की उम्र इस बात पर भी निर्भर करती है कि आप गाड़ी का इस्तेमाल कैसे करते हैं, चार्जिंग का तरीका कैसा है और गाड़ी किस मौसम में ज्यादा चलती है।
बैटरी कमजोर होने के संकेत
ड्राइविंग रेंज कम होना अगर आपकी कार पहले एक बार चार्ज करने पर 300 किमी चलती थी और अब 200-220 किमी तक ही सीमित हो गई है, तो यह बैटरी की घटती क्षमता का संकेत है।
जल्दी-जल्दी चार्ज खत्म होना
अगर बैटरी पहले से ज्यादा तेजी से डिस्चार्ज हो रही है और आपको बार-बार चार्ज करना पड़ रहा है, तो यह भी बैटरी के कमजोर होने का संकेत है।
चार्ज होने में ज्यादा समय लगना
अगर बैटरी को फुल चार्ज होने में पहले से ज्यादा समय लग रहा है, तो यह भी एक चेतावनी हो सकती है।
वार्निंग लाइट या नोटिफिकेशन
आधुनिक EV में बैटरी से जुड़ी समस्या होने पर डैशबोर्ड पर अलर्ट या मैसेज दिखता है। ऐसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
परफॉर्मेंस में गिरावट
अगर गाड़ी की स्पीड, पिकअप या स्मूद ड्राइविंग में कमी महसूस हो रही है, तो यह बैटरी की खराब हालत का संकेत हो सकता है।
बैटरी कब बदलनी चाहिए?
विशेषज्ञों के अनुसार, जब बैटरी की क्षमता 70% या उससे कम रह जाए, तो उसे बदलना बेहतर होता है। इसके अलावा अगर गाड़ी की रेंज काफी कम हो गई है या बार-बार तकनीकी दिक्कत आ रही है, तो बैटरी बदलने पर विचार करना चाहिए।
बैटरी लाइफ बढ़ाने के आसान तरीके
ओवरचार्जिंग से बचें बार-बार बैटरी को 100% तक चार्ज करना बैटरी पर दबाव डालता है। बेहतर है कि चार्जिंग को संतुलित रखें।
पूरी तरह डिस्चार्ज न करें
बैटरी को 0% तक खाली करना नुकसानदायक हो सकता है। कोशिश करें कि समय-समय पर चार्ज करते रहें।
फास्ट चार्जिंग का सीमित उपयोग
फास्ट चार्जिंग से समय तो बचता है, लेकिन बार-बार इसका इस्तेमाल बैटरी को नुकसान पहुंचा सकता है। जरूरत पड़ने पर ही इसका उपयोग करें।
सही तापमान में रखें
बहुत ज्यादा गर्मी या ठंड बैटरी के लिए सही नहीं होती। गाड़ी को ऐसे स्थान पर पार्क करें जहां तापमान सामान्य रहे।
नियमित जांच जरूरी
समय-समय पर बैटरी की हेल्थ, वोल्टेज और चार्जिंग स्टेटस चेक करते रहें। इससे किसी भी समस्या का पता पहले ही लग जाता है।