Edited By Radhika,Updated: 04 Jun, 2026 05:46 PM

पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ FIR दर्ज हुई है। ममता के खिलाफ FIR दर्ज करवाने का कारण केंद्रीय गृह मंत्रालय के खिलाफ कथित तौर पर भड़काऊ और विवादित बयान देना है।पुलिस प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, सिलीगुड़ी के साइबर क्राइम...
नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ FIR दर्ज हुई है। ममता के खिलाफ FIR दर्ज करवाने का कारण केंद्रीय गृह मंत्रालय के खिलाफ कथित तौर पर भड़काऊ और विवादित बयान देना है।पुलिस प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, सिलीगुड़ी के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एक वकील की शिकायत को आधार बनाते हुए ममता बनर्जी के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है।
क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि ममता ने कोलकाता के रानी राशमोनी रोड पर आयोजित एक जनसभा में मबांग्लादेशी नागरिक उस्मान हादी की हत्या का मुद्दा उठाया था और इस मामले में सीधे तौर पर केंद्रीय गृह मंत्रालय और गृह मंत्री अमित शाह को लेकर विवादित बयान दिए थे। इस मामले में वकील रिंकी सेन चटर्जी ने शिकायत दर्ज करवाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री पर देश की छवि खराब करने और दो देशों के बीच तनाव पैदा करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, उस्मान हादी की हत्या पिछले साल दिसंबर में बांग्लादेश में हुई थी। उन्हें राज्य की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने गिरफ्तार किया था। ममता बनर्जी ने इस मुद्दे को सार्वजनिक सभा में उठाकर संकेत दिया कि उन्हें इस हत्या के पीछे के किरदारों की जानकारी है और उन्होंने इसके लिए गृह मंत्रालय को जिम्मेदार ठहराया。

वकील ने दिया ये तर्क इस मामले में शिकायतकर्ता वकील ने कहा कि अगर ममता को इस बारे में जानकारी थी उन्हें इसे सीधे गृह मंत्रालय के सामने उठाना चाहिए था। अब सार्वजनिक रूप से इसे 'गृह मंत्रालय के आदेश पर की गई सुनियोजित हत्या' बताना भारत और बांग्लादेश के बीच के राजनयिक संबंधों को प्रभावित कर सकता है।
क्या था ममता का बयान
पूर्व मुख्यमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि राज्य की STF ने बांग्लादेश से जुड़े एक आरोपी को पकड़ा था, जिसके बाद वहां बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे तत्व मेघालय के रास्ते बंगाल की सीमा में प्रवेश करते हैं और पकड़े जाते हैं। ममता बनर्जी ने दावा किया कि वे लंबे समय तक इस विषय पर चुप रहीं, लेकिन अब इस पर बोलना जरूरी हो गया था।