Edited By Pardeep,Updated: 18 Jul, 2026 09:10 PM

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़े फेरबदल के संकेत मिल रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह के कोलकाता दौरे ने राज्य का सियासी पारा गर्मा दिया है। सूत्रों के मुताबिक, शाह की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण बंद कमरे...
नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़े फेरबदल के संकेत मिल रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह के कोलकाता दौरे ने राज्य का सियासी पारा गर्मा दिया है। सूत्रों के मुताबिक, शाह की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण बंद कमरे की बैठक में बंगाल भाजपा के विस्तार और नए प्रभावशाली चेहरों को पार्टी में शामिल करने पर गहन मंथन हुआ है। इस पूरी चर्चा के केंद्र में कुलदीप मैती का नाम सबसे प्रमुखता से उभर कर आ रहा है।
दक्षिण बंगाल में पैठ मजबूत करने की तैयारी
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि भाजपा पश्चिम बंगाल में अपनी जमीनी पकड़ को और पुख्ता करने के लिए तृणमूल कांग्रेस (TMC) और अन्य दलों के कद्दावर नेताओं को साधने की रणनीति पर काम कर रही है। माना जा रहा है कि यदि कुलदीप मैती भाजपा का दामन थामते हैं, तो इससे दक्षिण बंगाल के इलाकों में पार्टी को बड़ा रणनीतिक फायदा मिल सकता है।
संगठनात्मक बैठक और 2026 का लक्ष्य
अमित शाह ने कोलकाता में पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ संगठनात्मक ढांचे को लेकर विस्तृत चर्चा की है। इस बैठक में आगामी सदस्यता अभियान, चुनावी तैयारियों और नए नेतृत्व के समावेश पर जोर दिया गया। सूत्रों का कहना है कि बैठक के दौरान कुलदीप मैती के नाम पर विशेष मंत्रणा हुई है, जिसे 2026 के चुनाव से पहले भाजपा की एक बड़ी सियासी चाल के रूप में देखा जा रहा है।
पार्टी का पक्ष
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने गोपनीयता की शर्त पर बताया कि पार्टी लगातार उन लोगों के संपर्क में है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और बंगाल के विकास में विश्वास रखते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि सही समय आने पर इसका औपचारिक ऐलान किया जाएगा। फिलहाल, शाह की इस बैठक के नतीजों और कुलदीप मैती के अगले कदम पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।