'बंगाल लौट आइए, 125 दिन का रोजगार मिलेगा', CM शुभेंदु अधिकारी की प्रवासी मजदूरों से अपील

Edited By Updated: 27 Jul, 2026 09:33 PM

shubhendu adhikari s appeal to migrant workers

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को राज्य के प्रवासी मजदूरों से घर लौटने की अपील की और भरोसा दिलाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)सरकार रोजगार के अवसर पैदा करेगी और जॉब कार्ड पाने वालों लोगों को 125 दिन का काम देगी।

नेशनल डेस्कः पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को राज्य के प्रवासी मजदूरों से घर लौटने की अपील की और भरोसा दिलाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)सरकार रोजगार के अवसर पैदा करेगी और जॉब कार्ड पाने वालों लोगों को 125 दिन का काम देगी। मुख्यमंत्री ने पड़ोसी राज्य सिक्किम में हाल ही में सुरंग का एक हिस्सा ढहने की घटना में मारे गए पश्चिम बंगाल के मजदूरों के परिवारों से जलपाईगुड़ी में मिलने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि राज्य ''विकास के दौर'' में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में गए श्रमिकों से वापस लौटने की अपील की।

शुभेंदु ने कहा, ''मैं प्रवासी मजदूरों से वापस आने की अपील करता हूं। राज्य सरकार रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। जो लोग वापस आएंगे, वे नए जॉब कार्ड बनवा सकते हैं और 125 दिनों का काम पा सकते हैं। केंद्र सरकार मुफ्त राशन दे रही है, आयुष्मान भारत योजना उपलब्ध है, और जो लोग इसके दायरे में नहीं आते, उन्हें मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ मिलेगा। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि वापस आने के बाद उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो।''

उन्होंने उत्तर बंगाल में औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से कई पहलों की रूपरेखा भी प्रस्तुत की। शुभेंदु ने कहा कि राज्य सरकार दक्षिण बंगाल की तर्ज पर उत्तरी बंगाल में भी डेरी सहकारिता अमूल को 15 एकड़ भूमि आवंटित करेगी। उन्होंने आगे कहा कि उद्योग विभाग ने इस परियोजना के लिए भूमि पहले ही चिह्नित कर ली है। उन्होंने चाय उद्योग की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्य में अभी 25 चाय बागान बंद हैं, जिससे कई मजदूरों को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को 'प्रधानमंत्री चाय श्रमिक योजना' के तहत लाया गया है, जिसके अंतर्गत चाय श्रमिकों को आर्थिक सहायता के लिए 330 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि श्रम मंत्री अर्जुन सिंह और टी बोर्ड के चेयरमैन की कोशिशों से अगले दो-तीन महीनों में बंद पड़े 10 से 12 चाय बागान फिर से चालू हो जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार मालदा में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए भी काम कर रही है।

इसमें आम, लीची, मखाना, अन्नानास और मक्के के लिए खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के साथ-साथ इलाके के मशहूर 'तुलाईपंजी' चावल पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना भी शामिल है। उन्होंने उत्तर बंगाल के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि यह क्षेत्र राज्य प्रशासन की प्राथमिकता बना हुआ है। इससे पहले, शुभेंदु ने सिक्किम के नामची जिले में हाल ही में सुरंग ढहने की घटना में मारे गए राज्य के 11 प्रवासी मजदूरों के परिवारों को आर्थिक मदद सौंपी और नौ पीड़ित परिवारों के एक-एक सदस्य के लिए सरकारी नौकरी की घोषणा की।

मुख्यमंत्री अधिकारी ने जलपाईगुड़ी जिलाधिकारी कार्यालय में प्रभावित परिवारों से मिलने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि प्रभावित सभी 11 परिवारों को कुल 21-21 लाख रुपये की अनुग्रह राशि मिलेगी। मुख्यमंत्री ने यहां संवाददाताओं से कहा, ''आज हमने जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिवारों को आर्थिक मदद दी है। नौ परिवारों के सदस्यों को सरकारी नौकरी दी जाएगी। इनमें से सात को होम गार्ड के तौर पर और दो को नागरिक स्वयंसेवक के तौर पर नियुक्त किया जाएगा। दुख की इस घड़ी में हम इन परिवारों के साथ मजबूती से खड़े हैं।''

अधिकारी ने खुद पीड़ित परिवारों के सदस्यों को नियुक्ति पत्र और राज्य सरकार की ओर से आर्थिक मदद सौंपी। इनमें से कई लोग मालबाज़ार और उत्तर बंगाल के दूसरे इलाकों से आए थे। उन्होंने मारे गए कर्मचारियों के माता-पिता, जीवनसाथी और भाई-बहनों से भी बातचीत की। उन्होंने कहा, ''यह कोई परमार्थ का कार्य नहीं है, बल्कि यह हमारी जिम्मेदारी है। राज्य सरकार मुख्यमंत्री राहत कोष से हर शोक संतप्त परिवार को पांच लाख रुपये दे रही है। सिक्किम सरकार पहले ही प्रत्येक परिवार को चार-चार लाख रुपये दे चुकी है।

परियोजना में शामिल सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हर परिवार को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवज़ा दे रही है, जबकि काम कराने वाला निजी ठेकेदार भी हर परिवार को पांच-पांच लाख रुपये दे रहा है। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिवारों को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।'' पिछले हफ्ते नामची में बन रही एक सुरंग का कुछ हिस्सा ढहने से राज्य के 11 मजदूरों की मौत हो गई। मृतकों में से नौ जलपाईगुड़ी जिले के मालबाजार के रहने वाले थे। 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!