पहले इनकार, फिर लाठीचार्ज और अब टास्क फोर्स'-परीक्षा सुधारों को लेकर कपिल सिब्बल का सरकार पर तंज

Edited By Updated: 27 Jul, 2026 11:10 AM

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राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने सोमवार को प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे से निपटने के केंद्र सरकार के तरीके पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मोदी सरकार पहले यह मानने से इनकार करती है कि कोई समस्या है, फिर प्रदर्शनकारियों को 'अराजकतावादी' बताकर उन पर लाठीचार्ज...

नेशनल डेस्क: राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने सोमवार को प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे से निपटने के केंद्र सरकार के तरीके पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मोदी सरकार पहले यह मानने से इनकार करती है कि कोई समस्या है, फिर प्रदर्शनकारियों को ''अराजकतावादी'' बताकर उन पर लाठीचार्ज कराती है और अंत में परीक्षा सुधारों के लिए एक कार्यबल गठित कर देती है। उनकी यह टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा एक दिन पहले राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की ओर से आयोजित परीक्षाओं में सुधार के लिए इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक 'उच्च अधिकार प्राप्त कार्यबल' के गठन की घोषणा किए जाने के बाद आई है।

 मोदी ने इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक वीडियो संदेश में कहा कि यह कार्यबल एक मजबूत और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली स्थापित करने के लिए प्रौद्योगिकी के अधिकतम उपयोग संबंधी सुझाव देगा। सिब्बल ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''इस सरकार का तरीका देखिए : अगर कोई समस्या है तो कह दो कि ऐसी कोई समस्या है ही नहीं। यदि समस्या बनी रहती है तो उसकी परवाह मत करो। प्रदर्शन करने वालों को अराजकतावादी कहो। जो लोग अनशन पर बैठे हैं, उन्हें बैठे रहने दो। जो उनके समर्थन में आएं, उन पर लाठीचार्ज करा दो। जो उन्हें भोजन उपलब्ध कराएं, उन्हें परेशान करो।

 उन्होंने कहा, ''और फिर परीक्षा सुधारों के लिए एक कार्यबल गठित कर दो।'' सरकार के अनुसार, इस कार्यबल में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों का एक बहु-विषयक समूह शामिल होगा। नीलेकणि के अलावा इसके अन्य सदस्यों में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ, खुफिया ब्यूरो (आईबी) के पूर्व निदेशक तपन डेका, आईआईटी चेन्नई के निदेशक वी. कामकोटी, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा शामिल हैं।

 प्रधानमंत्री की यह घोषणा रविवार को उस समय आई, जब उससे एक दिन पहले कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व में नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर चल रहा 36 दिन का आंदोलन शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ समाप्त हुआ था। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार एक अभेद्य परीक्षा प्रणाली स्थापित करने के लिए कार्यबल की सिफारिशों पर काम करेगी। उन्होंने कहा कि यह कार्यबल विशेष रूप से प्रौद्योगिकी के बेहतर उपयोग और प्रणालीगत सुधारों के माध्यम से, एनटीए द्वारा आयोजित परीक्षाओं की व्यवस्था में व्यापक बदलाव लाने में मदद करेगा। 

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