ब्लैक बजट से ड्रीम बजट तक: Budget 2026 से पहले जानिए भारत के बजट इतिहास की बड़ी बातें

Edited By Updated: 29 Jan, 2026 05:53 PM

from black budget to dream budget major highlights of india s budget history

भारत का केंद्रीय बजट सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि देश की आर्थिक सोच और नीतियों का आईना होता है। बजट के इतिहास में कुछ मौके ऐसे रहे हैं, जिन्होंने देश की दिशा ही बदल दी—चाहे वह 1973 का ‘ब्लैक बजट’ हो या 1997 का ‘ड्रीम बजट’। अब जब Budget 2026...

बिजनेस डेस्कः भारत का केंद्रीय बजट सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि देश की आर्थिक सोच और नीतियों का आईना होता है। बजट के इतिहास में कुछ मौके ऐसे रहे हैं, जिन्होंने देश की दिशा ही बदल दी—चाहे वह 1973 का ‘ब्लैक बजट’ हो या 1997 का ‘ड्रीम बजट’। अब जब Budget 2026 पेश होने जा रहा है, तो आइए एक नजर डालते हैं उन ऐतिहासिक बजटों पर।

1 फरवरी 2026 को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार आम बजट पेश करने जा रही हैं। बजट 2026 से आर्थिक विकास को रफ्तार देने, रोजगार सृजन, महंगाई पर नियंत्रण और डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करने जैसी बड़ी उम्मीदें जुड़ी हुई हैं।

वैश्विक अनिश्चितताओं और घरेलू आर्थिक चुनौतियों के बीच आने वाला यह बजट न सिर्फ भारत की मौजूदा आर्थिक सेहत को दर्शाएगा, बल्कि आने वाले वर्षों की नीतिगत दिशा भी तय करेगा। निवेशकों, उद्योग जगत और आम लोगों की नजरें इस बजट पर टिकी हैं। इसी बीच बजट से जुड़े कुछ रोचक और ऐतिहासिक तथ्य चर्चा में हैं।

कब पेश हुआ था भारत का पहला बजट?

भारत का पहला बजट 7 अप्रैल 1860 को ब्रिटिश शासन के दौरान पेश किया गया था। आज़ादी के बाद 26 नवंबर 1947 को स्वतंत्र भारत का पहला बजट संसद में रखा गया। इसे देश के पहले वित्त मंत्री आर. के. शणमुखम चेट्टी ने पेश किया था। यह बजट नए भारत की आर्थिक नींव रखने वाला अहम दस्तावेज माना जाता है।

सबसे लंबा बजट भाषण किसने दिया?

भारतीय बजट इतिहास में सबसे लंबा बजट भाषण देने का रिकॉर्ड भी निर्मला सीतारमण के नाम है। 1 फरवरी 2020 को उन्होंने करीब 2 घंटे 42 मिनट तक बजट भाषण दिया था, जिसमें सरकार की नीतियों और योजनाओं का विस्तृत खाका पेश किया गया था।

क्या था ‘ब्लैक बजट’?

28 फरवरी 1973 को पेश किया गया बजट भारतीय इतिहास में ब्लैक बजट के नाम से जाना जाता है। तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंतराव बी. चव्हाण ने यह बजट पेश किया था। उस समय देश करीब 550 करोड़ रुपए के भारी राजकोषीय घाटे से जूझ रहा था। 1971 के भारत-पाक युद्ध और 1972 के भीषण सूखे के बाद अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव था, जिसका असर बजट में साफ दिखा।

क्यों याद किया जाता है ‘ड्रीम बजट’?

साल 1997 में पेश किया गया बजट आज भी ड्रीम बजट के नाम से जाना जाता है। तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने इस बजट में इनकम टैक्स दरों में कटौती, कस्टम ड्यूटी में कमी और टैक्स सिस्टम को सरल बनाने जैसे बड़े सुधार किए थे। इन फैसलों ने आर्थिक सुधारों को नई दिशा दी थी।

अब बजट 2026 से भी देश को ऐसे ही दूरगामी सुधारों की उम्मीद है, जो भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य की ओर तेज़ी से आगे बढ़ा सकें।

Related Story

Trending Topics

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!