Edited By Anu Malhotra,Updated: 08 Jan, 2026 05:12 PM

पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुदुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों का कार्यक्रम फरवरी के आखिरी सप्ताह में घोषित होने की संभावना है। इस संभावना को देखते हुए सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने-अपने स्तर पर चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं।
नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुदुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों का कार्यक्रम फरवरी के आखिरी सप्ताह में घोषित होने की संभावना है। इस संभावना को देखते हुए सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने-अपने स्तर पर चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) असम में अपनी मौजूदा सरकार को दोबारा सत्ता में लाने की कोशिश में जुटी है, जबकि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में पहली बार सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। वहीं केरल में पार्टी चुनावी मुकाबले को सत्ताधारी लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के बीच से निकालकर त्रिकोणीय बनाना चाहती है।
केरल में हाल ही में तिरुवनंतपुरम नगर निगम में भाजपा का मेयर बनना पार्टी के लिए एक बड़ी राजनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ा है।
पिछले चुनावों का शेड्यूल
साल 2021 में इन्हीं पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों का ऐलान 26 फरवरी को किया गया था। तमिलनाडु में 6 अप्रैल तक मतदान प्रक्रिया पूरी हो गई थी। पश्चिम बंगाल की संवेदनशील राजनीतिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने वहां आठ चरणों में 27 मार्च से 29 अप्रैल तक वोटिंग कराई थी। असम में तीन चरणों में 27 मार्च से 6 अप्रैल के बीच चुनाव हुए थे। सभी राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल मई महीने में समाप्त हो रहा है।
राज्यों की राजनीतिक तस्वीर
पश्चिम बंगाल
यहाँ मुख्य मुकाबला सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भाजपा के बीच है। पिछली बार भाजपा ने बड़ी छलांग लगाते हुए 3 सीटों से बढ़कर 77 सीटें हासिल की थीं। इस बार भाजपा सत्ता परिवर्तन की कोशिश में है, जबकि टीएमसी सरकार बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।
असम
असम में भाजपा नेतृत्व वाला एनडीए फिर से सरकार बनाने के प्रयास में है। दूसरी ओर कांग्रेस इस बार सत्ता में वापसी के लिए पूरी तरह सक्रिय है।
तमिलनाडु
तमिलनाडु में सत्तारूढ़ डीएमके को चुनौती देने के लिए भाजपा एआईएडीएमके और अन्य सहयोगी दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की रणनीति पर काम कर रही है।
केरल
केरल में अब तक लेफ्ट और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला रहा है, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में एनडीए को लगभग 19 प्रतिशत वोट मिलने के बाद भाजपा खुद को राज्य में तीसरी बड़ी राजनीतिक ताकत के रूप में स्थापित मान रही है।
विधानसभा सीटों की स्थिति (पिछला चुनाव)
पश्चिम बंगाल (292 सीटें)
केरल (140 सीटें)
असम (126 सीटें)
पुदुचेरी (30 सीटें)
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एनडीए: 16
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यूपीए: 9
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अन्य: 5
आने वाले हफ्तों में चुनाव आयोग के कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही इन राज्यों में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की उम्मीद है।