Edited By Tanuja,Updated: 04 Oct, 2026 01:04 PM

फ्लाईदुबई FZ1073 में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमले के बाद यात्रियों ने आरोपी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी को काबू कर लिया। रिपोर्ट के मुताबिक, क्रू उसे छोड़ना चाहता था, लेकिन यात्रियों ने पुलिस को सौंपने पर जोर दिया। उन्होंने आरोपी को ऑक्सीजन दी और...
Duabi: फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुए हमले की घटना को लेकर अब एक और बड़ा खुलासा सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर कॉकपिट में हमला होने के बाद कुछ यात्रियों ने आरोपी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी को काबू में कर लिया था। इसी दौरान कथित तौर पर केबिन क्रू ने उसे छोड़ने के लिए कहा, लेकिन यात्रियों ने साफ इनकार कर दिया। उनका कहना था कि आरोपी को केवल पुलिस के हवाले किया जाएगा। इस दौरान यात्रियों ने उसे ऑक्सीजन भी दी, ताकि वह जिंदा रहे और उससे पूछताछ की जा सके।
विमान के अंदर बंधा मिला आरोपी को-पायलट
इजराइल के समाचार चैनल i24NEWS द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में अल-हम्मामी विमान के भीतर घुटनों के बल बैठा नजर आया। उसके हाथ पीछे की ओर बंधे थे और कपड़ों पर खून के धब्बे दिखाई दे रहे थे। करीब 45 सेकंड के इस वीडियो में यात्रियों को बार-बार “पुलिस, सिर्फ पुलिस” कहते हुए सुना जा सकता है। वीडियो में एक यात्री के कथित तौर पर यह कहते हुए भी सुनाई देता है कि करीब एक घंटा 40 मिनट हो चुके हैं और पांच मिनट और इंतजार किया जा सकता है।रिपोर्ट के अनुसार, यात्रियों का उद्देश्य आरोपी को जिंदा रखते हुए स्थानीय पुलिस को सौंपना था।
यात्रियों ने क्रू की बात मानने से किया इनकार
‘द न्यूयॉर्क पोस्ट’ से बातचीत में हम्मामी को काबू करने वाले यात्रियों ने दावा किया कि केबिन क्रू आरोपी को छोड़ने के लिए कह रहा था। बैंकिंग क्षेत्र में काम करने वाले ज्विका मानेस ने दावा किया कि क्रू ने यात्रियों से आरोपी को बांधने वाली रस्सी खोलने के लिए कहा। उनके मुताबिक, यात्रियों को यह बात समझ नहीं आई और उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया। वहीं, रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े डैनियल श्लिक्टर ने कहा कि यात्रियों को इस बात पर संदेह हुआ कि आखिर आरोपी को छोड़ने के लिए क्यों कहा जा रहा है। इसके बाद यात्रियों और क्रू के बीच बहस हुई। मानेस के अनुसार, यात्रियों ने स्पष्ट कर दिया कि वे आरोपी को नुकसान पहुंचाना नहीं चाहते, लेकिन उसे दोबारा किसी पर हमला करने का मौका भी नहीं दिया जा सकता।
आरोपी को दिया ऑक्सीजन मास्क
आरोपी को-पायलट को काबू में करने वाले यात्रियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि वह जिंदा रहे। उसे ऑक्सीजन मास्क दिया गया। श्लिक्टर ने बताया कि उनका उद्देश्य आरोपी को मारना नहीं था। वे चाहते थे कि वह जिंदा रहे ताकि पुलिस उससे पूछताछ कर सके और हमले की वजह का पता लगाया जा सके। इस दौरान केबिन क्रू ने यात्रियों से अपनी-अपनी सीटों पर लौटने को कहा। लेकिन कुछ यात्रियों ने कथित तौर पर क्रू से भी दूरी बनाए रखने को कहा। उन्हें आशंका थी कि हमले के पीछे किसी और की भूमिका हो सकती है। पूरी घटना की शुरुआत तब हुई जब गंभीर रूप से घायल कैप्टन स्मित मच्छर ने कॉकपिट का दरवाजा खोला। इसी दौरान ताली मेनेस अपनी बेटी का इंतजार करते हुए शौचालय के बाहर मौजूद थीं। उन्होंने कॉकपिट के भीतर से आवाज सुनी। इसके बाद उन्होंने विमान में मौजूद एक अन्य पायलट से स्थिति देखने के लिए कहा। दरवाजा खुलने के बाद अंदर का दृश्य बेहद गंभीर था। रिपोर्ट के मुताबिक, को-पायलट कैप्टन मच्छर पर हमला कर रहा था। यह देखते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग कॉकपिट की ओर दौड़े।
यात्रियों ने संभाला विमान का मोर्चा
रिपोर्ट के मुताबिक, चार इजराइली यात्रियों और ड्यूटी पर नहीं रहे दो पायलटों ने स्थिति को संभालने में मदद की। उन्होंने आरोपी को काबू में किया और विमान को सुरक्षित उतारने की प्रक्रिया में सहयोग किया। इन यात्रियों में प्लंबर यानिव हयुन भी शामिल थे। बताया गया है कि उन्होंने अल-हम्मामी को काबू करने में मदद की और विमान को स्थिर रखने के लिए नियंत्रण संभालने में भूमिका निभाई। इंश्योरेंस एजेंसी के मालिक असाफ राजुआन ने भी आरोपी को काबू करने में मदद की, जबकि ज्विका मानेस ने कथित तौर पर उसे ईयरफोन की मदद से बांध दिया।
घायल कैप्टन को यात्रियों ने दिया प्राथमिक उपचार
हमले में कैप्टन स्मित मच्छर गंभीर रूप से घायल हुए थे। विमान में मौजूद डेंटिस्ट शोता मुसायेव ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया। मुसायेव ने सीएनएन को बताया कि कैप्टन के सिर और हाथों पर गहरे घाव थे और काफी खून बह रहा था। उन्होंने घायल पायलट की हालत को गंभीर बताया। पूरे घटनाक्रम में यात्रियों ने पहले आरोपी को काबू किया, फिर यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि वह जिंदा रहे और अंत में उसे पुलिस के हवाले करने पर जोर दिया।
फ्लाईदुबई की यह उड़ान दुबई से तेल अवीव जा रही थी। कॉकपिट में हुई हिंसक घटना के दौरान विमान के नियंत्रण पर संकट पैदा हो गया था। भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर के घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खुलने और यात्रियों को स्थिति का पता चलने के बाद लोगों ने तत्काल प्रतिक्रिया दी। घटना के बाद विमान को सुरक्षित रूप से उतारा गया और उसमें सवार 180 लोगों की जान बच गई। यूएई के अधिकारियों ने बाद में घटना को कथित आतंकवादी हमले की कोशिश के तौर पर जांच के दायरे में लिया है। मामले की जांच जारी है।