Edited By Seema Sharma,Updated: 03 Feb, 2022 12:40 PM

सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना पाबंदियों के चलते इंजीनियरिंग परीक्षा में स्नातक योग्यता टेस्ट (GATE) को स्थगित करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि कोरोना के कारण परीक्षा नहीं टाली जा सकती।
नेशनल डेस्क: सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना पाबंदियों के चलते इंजीनियरिंग परीक्षा में स्नातक योग्यता टेस्ट (GATE) को स्थगित करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि कोरोना के कारण परीक्षा नहीं टाली जा सकती। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 5 फरवरी को निर्धारित गेट परीक्षा को स्थगित करने से अराजकता एवं अनिश्चितता की स्थिति उत्पन्न होगी और वह उन छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकते, जिन्होंने इसके लिए तैयारी की है।
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस विक्रमनाथ की खण्डपीठ ने यह अहम फैसला सुनाया। पीठ ने कहा कि निर्धारित परीक्षा से 48 घंटे पहले गेट परीक्षा को स्थगित करने से अराजकता एवं अनिश्चितता की स्थिति उत्पन्न होगी और वह उन छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकते, जिन्होंने इसके लिए तैयारी की है। पीठ ने कहा कि यह शिक्षण नीति का मामला है कि कब परीक्षा होनी चाहिए और अदालत इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती।
पीठ ने कहा कि नौ लाख छात्र यह परीक्षा देने वाले हैं और करीब 20,000 छात्रों ने इसे स्थगित करने के संबंध में ऑनलाइन याचिका का समर्थन किया है। पीठ ने कहा कि छात्रों ने इसके लिए तैयारी की है और अदालत परीक्षा स्थगित करके उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकती।'' शीर्ष अदालत गेट परीक्षा स्थगित करने संबंधी याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने को बुधवार को सहमत हुई थी। याचिका में कहा गया कि 200 केन्द्रों पर नौ लाख छात्र परीक्षा देंगे, लेकिन अधिकारियों ने परीक्षा आयोजित करने के लिए covid-19 संबंधी कोई दिशानिर्देश जारी नहीं किए हैं। शीर्ष अदालत के निर्णय के बाद अब IIT खड़गपुर द्वारा गेट 2022 परीक्षा का आयोजन ऑफलाइन मोड में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही 5 फरवरी 2022 को ही किया जाएगा।