गोवा नाइटक्लब अग्निकांड: लूथरा बंधुओं को मिली जमानत, जल्द जेल से होगी रिहाई

Edited By Updated: 08 Apr, 2026 01:21 PM

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गोवा की एक अदालत ने आग से तबाह हुए नाइटक्लब 'बर्च बाय रोमियो लेन' के मालिकों सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा को जालसाजी के एक मामले में बुधवार को जमानत दे दी जिससे उनकी जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया। लूथरा बंधुओं को इससे पहले पिछले साल दिसंबर में लगी...

नेशनल डेस्क। गोवा की एक अदालत ने आग से तबाह हुए नाइटक्लब 'बर्च बाय रोमियो लेन' के मालिकों सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा को जालसाजी के एक मामले में बुधवार को जमानत दे दी जिससे उनकी जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया। लूथरा बंधुओं को इससे पहले पिछले साल दिसंबर में लगी भीषण आग से संबंधित एक मामले में जमानत मिल चुकी है। इस घटना में 25 लोगों की मौत हो गई थी। 

लूथरा बंधुओं का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता पराग राव ने पत्रकारों को बताया कि न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (मापुसा) जूड सेक्वेरा ने जालसाजी मामले में आरोपियों को नियमित जमानत दे दी है। राव ने कहा कि इस फैसले के साथ ही दोनों भाइयों को अब जेल से रिहा कर दिया जाएगा। राव ने बताया कि उनके मुवक्किलों को अगले पांच दिन तक मापुसा थाने में हाजिरी लगाने के लिए कहा गया है। 

उन्होंने कहा, ''हम इस मामले में विस्तृत फैसले का इंतजार कर रहे हैं।'' यह मामला उन आरोपों से संबंधित है कि लूथरा बंधुओं ने उत्तरी गोवा के अरपोरा गांव में अपने नाइट क्लब के संचालन के लिए अनुमति और उत्पाद शुल्क लाइसेंस प्राप्त करने के वास्ते जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया था जिसमें एक फर्जी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) भी शामिल है। 

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पुलिस के अनुसार, कथित जाली एनओसी का इस्तेमाल बाद में नियामक मंजूरी प्राप्त करने के लिए किया गया था। मापुसा की एक सत्र अदालत ने एक अप्रैल को दोनों भाइयों को पिछले साल दिसंबर में बर्च बाय रोमियो लेन नाइटक्लब में लगी भीषण आग से संबंधित एक मामले में जमानत दे दी थी। इस घटना में 25 लोगों की मौत हो गई थी। 

क्लब में छह दिसंबर, 2025 को आग लगने के कुछ समय बाद दोनों भाई थाईलैंड भाग गए थे जहां से उन्हें 17 दिसंबर को भारत प्रत्यर्पित किया गया और गोवा की अंजुना पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। कैंडोलिम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्वास्थ्य अधिकारी की शिकायत के बाद मापुसा पुलिस ने अलग से जालसाजी का एक मामला दर्ज किया। 

स्वास्थ्य अधिकारी ने आरोप लगाया था कि उनके हस्ताक्षर जाली थे और स्वास्थ्य एनओसी प्राप्त करने के लिए आधिकारिक रजिस्टर में एक फर्जी प्रविष्टि की गई थी। इस घटना के कारण क्लब के संचालन में अग्नि सुरक्षा नियमों के उल्लंघन, लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं और कथित लापरवाही की व्यापक जांच शुरू हुई थी। 

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