Edited By Radhika,Updated: 30 Apr, 2026 01:12 PM

अगर आप एक नौकरीपेशा आदमी हैं और अब आपने नई नौकरी ज्वाइन कर ली है और आपका पिछली कंपनी का PF का पैसा अभी भी फंसा हुआ है तो आपको टेंशन लेने की जरुरत नहीं। केंद्र सरकार जल्द ही ‘E-PRAAPTI’ नामक एक डिजिटल समाधान लॉन्च करने जा रही है। इस पोर्टल के जरिए अब...
'E-PRAAPTI' Portal: अगर आप एक नौकरीपेशा आदमी हैं और अब आपने नई नौकरी ज्वाइन कर ली है और आपका पिछली कंपनी का PF का पैसा अभी भी फंसा हुआ है तो आपको टेंशन लेने की जरुरत नहीं। केंद्र सरकार जल्द ही ‘E-PRAAPTI’ नामक एक डिजिटल समाधान लॉन्च करने जा रही है। इस पोर्टल के जरिए अब आप अपने पुराने PF अकाउंट को ट्रैक कर सकते हैं जो उनके वर्तमान यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) से लिंक नहीं हैं। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने इस पहल की घोषणा करते हुए इसे कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत बताया है।
क्या है E-PRAAPTI पोर्टल?
जानकारी के लिए बता दें कि इस पोर्टल का पूरा नाम ‘EPF Aadhaar-Based Access Portal for Tracking Inoperative Accounts’ है। इस अकाउंट को कर्मचारी खुद की चला सकेंगे। यूजर यह पूरी तरह से 'यूजर-ड्रिवन' सिस्टम होगा, यानी कर्मचारी खुद इसे संचालित कर सकेंगे। पुराने खातों की पहचान और उन्हें सक्रिय करने के लिए Adhaar authentication का उपयोग किया जाएगा। इसी के साथ कर्मचारी को अपने पुराने रिकॉर्ड अपडेट करने के लिए कंपनी के चक्कर लगाने की जरुरत नहीं होगी। इसके पहले स्टेप में उन लोगों की मदद की जाएगी, जिनके पास पुरानी आईडी है और दूसरे में लोगों की जो अपनी आईडी भूल चुके हैं।
दावों के निपटारे में EPFO ने बनाया रिकॉर्ड
सिर्फ पोर्टल ही नहीं, बल्कि Claim Settlement की रफ्तार में भी अभूतपूर्व तेजी आई है। आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में ईपीएफओ ने 8.31 करोड़ दावों का निपटारा किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 38% अधिक है। 'ऑटो मोड' की वजह से ज्यादातर एडवांस निकासी के दावों को महज 3 दिनों के भीतर प्रोसेस किया जा रहा है। नियमों में ढील देते हुए चेक बुक की कॉपी अपलोड करने की शर्त खत्म करने जैसे कदमों ने प्रक्रिया को और आसान बना दिया है।
पीएफ एडवांस पर बढ़ा लोगों का भरोसा
रिपोर्ट के अनुसार, लोग अपनी जरूरतों के लिए पीएफ फंड का बढ़-चढ़कर इस्तेमाल कर रहे हैं। कुल दावों में से 5.51 करोड़ से अधिक मामले 'एडवांस' या आंशिक निकासी के थे।नया पोर्टल inactive accounts में पड़े हजारों करोड़ों रुपयों को वापस मुख्यधारा में लाने और पारदर्शिता बढ़ाने का काम करेगा।