Edited By Mehak,Updated: 09 Feb, 2026 12:29 PM

कांग्रेस ने रूस से तेल खरीद और भारत–अमेरिका व्यापार समझौते पर मंत्रियों के कथित विरोधाभासी बयानों को लेकर सरकार पर हमला बोला। जयराम रमेश ने कहा कि ‘समग्र सरकार’ के दावे के बावजूद वाणिज्य और विदेश मंत्री एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टाल रहे हैं। उन्होंने...
नेशनल डेस्क : कांग्रेस ने रूस से तेल खरीदने और भारत–अमेरिका व्यापार समझौते पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के कथित विरोधाभाषी बयानों को लेकर सोमवार को सरकार पर निशाना साधा और कहा कि इस मामले में सरकार के दृष्टिकोण में ही खामी है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 'समग्र सरकार' (होल ऑफ गवर्मेन्ट) का दृष्टिकोण कहते हैं, उस पर बड़े-बड़े दावे करते हैं।
लेकिन रूसी तेल के मुद्दे और भारत–अमेरिका व्यापार समझौते पर हाल यह है कि वाणिज्य मंत्री कहते हैं कि विदेश मंत्री से पूछिए, विदेश मंत्री कहते हैं कि वाणिज्य मंत्री से पूछिए और पेट्रोलियम मंत्री दूसरे मुद्दों में उलझे हुए हैं।'' उन्होंने कहा कि सरकार में खामियों से भरा दृष्टिकोण है। बीते शनिवार को भारत और अमेरिका द्वारा पहले चरण के द्विपक्षीय व्यापार समझौते के ढांचे पर जारी संयुक्त बयान में गया था कि भारत ने अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के ऊर्जा उत्पाद, विमान और विमान के पुर्जे, कीमती धातुएं, तकनीकी उत्पाद और कोयला खरीदने का इरादा जाहिर किया है।

इसके बदले अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर शुल्क घटाकर 18 प्रतिशत करेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत द्वारा रूसी तेल खरीदने पर लगाए गए दंडात्मक 25 प्रतिशत शुल्क हटाने का शासकीय आदेश भी जारी किया है। अमेरिका से आयात में अचानक वृद्धि को लेकर सुरक्षा उपायों पर गोयल ने कहा है कि व्यापार समझौते में किसानों और घरेलू उद्योगों के हितों की रक्षा के लिए पर्याप्त सुरक्षा प्रावधान किए गए हैं।