Edited By Rohini Oberoi,Updated: 02 Feb, 2026 03:40 PM

जापान अपनी तकनीक और अनुशासन के लिए दुनिया भर में मशहूर है लेकिन क्या आप जानते हैं कि वहां के स्कूली बच्चों के बैग भी किसी अजूबे से कम नहीं हैं? जापान में इन खास बैग्स को रैंडोसेरु (Randoseru) कहा जाता है। ये बैग इतने मजबूत और महंगे होते हैं कि इनकी...
Japanese School Bags : जापान अपनी तकनीक और अनुशासन के लिए दुनिया भर में मशहूर है लेकिन क्या आप जानते हैं कि वहां के स्कूली बच्चों के बैग भी किसी अजूबे से कम नहीं हैं? जापान में इन खास बैग्स को रैंडोसेरु (Randoseru) कहा जाता है। ये बैग इतने मजबूत और महंगे होते हैं कि इनकी तुलना किसी लग्जरी गैजेट से की जा सकती है। आइए जानते हैं आखिर क्यों जापान के माता-पिता अपने बच्चों के लिए 40 हजार से 1 लाख रुपये तक का बैग खरीदते हैं।

रैंडोसेरु की 5 सबसे बड़ी खासियतें
1. 6 साल की लंबी उम्र (Durability): जापान में बच्चा जब पहली कक्षा में कदम रखता है तो उसे यह बैग मिलता है। वह छठी कक्षा तक यानी पूरे प्राइमरी स्कूल के दौरान इसी एक बैग का इस्तेमाल करता है। यह इतना मजबूत होता है कि 6 साल तक इसका आकार (Shape) खराब नहीं होता।
यह भी पढ़ें: WhatsApp पर रेट और कार से डिलीवरी! इंस्टाग्राम पर हुआ प्यार, फिर Boyfriend ले गया होटल, तीन दिन रही साथ जिसके बाद...
2. भूकंप में बनता है ढाल (Safety Feature): जापान एक भूकंप प्रभावित देश है। इन बैग्स को इस तरह डिजाइन किया गया है कि आपात स्थिति में बच्चे इसे अपने सिर पर रखकर हेड शील्ड की तरह इस्तेमाल कर सकें। साथ ही पानी में गिरने पर यह लाइफ जैकेट की तरह तैरने में भी मदद करता है।

3. रीढ़ की हड्डी का ख्याल (Posture & Comfort): भले ही बैग में भारी किताबें हों लेकिन इसका खास कुशनिंग सिस्टम और एडजस्टेबल स्ट्रैप्स वजन को इस तरह बांटते हैं कि बच्चे की स्पाइन (Spine) पर कम दबाव पड़ता है। इससे बच्चों का पोस्चर हमेशा सही रहता है।
4. प्रीमियम क्वालिटी: ये बैग असली लेदर या हाई-क्वालिटी सिंथेटिक लेदर से बने होते हैं। ये पूरी तरह से वाटरप्रूफ और स्क्रैच-रेजिस्टेंट होते हैं यानी बारिश में भी किताबें भीगने का डर नहीं रहता।
यह भी पढ़ें: WhatsApp पर रेट और कार से डिलीवरी! इंस्टाग्राम पर हुआ प्यार, फिर Boyfriend ले गया होटल, तीन दिन रही साथ जिसके बाद...
5. डिजाइन और स्पेस: इनका बॉक्स जैसा हार्ड डिजाइन किताबों को मुड़ने से बचाता है। इसमें बड़े ओपनिंग स्पेस और कई कंपार्टमेंट्स होते हैं ताकि बच्चा आसानी से अपना सामान व्यवस्थित रख सके।

कितनी होती है कीमत?
जापानी संस्कृति में यह बैग केवल एक वस्तु नहीं बल्कि बचपन और अनुशासन का प्रतीक है।

-
शुरुआती कीमत: लगभग 75,000 येन (भारतीय मुद्रा में करीब 40,000 रुपये)।
-
लग्जरी रेंज: प्रीमियम मटेरियल और हाथ से बनी सिलाई वाले बैग्स की कीमत 1 लाख रुपये से भी ऊपर चली जाती है।