अलग रास्ता चुना, लेकिन रिश्ते नहीं तोड़े : उद्धव ठाकरे ने अजित पवार की मौत पर शोक जताया

Edited By Updated: 28 Jan, 2026 04:30 PM

uddhav thackeray expressed grief over ajit pawar death

शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में मौत पर शोक जताया। उन्होंने कहा कि पवार भले ही राजनीति में अलग रास्ता चुन गए थे, लेकिन आपसी संबंध कभी खराब नहीं हुए। उद्धव ने पवार को अनुशासित, बेबाक और अपने...

नेशनल डेस्क : शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बुधवार को एक विमान हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत पर शोक जताया और कहा कि राकांपा प्रमुख ने भले ही राजनीति में अलग रास्ता चुन लिया था, लेकिन उन्होंने आपसी रिश्तों को कभी खराब नहीं होने दिया। उद्धव ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि पवार की मौत से उन्होंने एक दृढ़ नेता और उत्कृष्ट पूर्व कैबिनेट सहयोगी खो दिया है।

PunjabKesari

उन्होंने लिखा कि वित्त मंत्री के रूप में पवार एक बेहद अनुशासित नेता थे, जिनकी अपने विभाग पर मजबूत पकड़ थी। पवार ने महाराष्ट्र में 2019 से 2022 तक उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली तत्कालीन महा विकास आघाडी (एमवीए) सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में सेवाएं दी थीं। हालांकि, वह 2023 में एमवीए से अलग हो गए थे और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल हो गए थे, जिससे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) दो हिस्सों में बंट गई थी। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख ने कहा, “सहयोगी होने के नाते हमारे बीच एक खास रिश्ता बन गया था।

PunjabKesari

अजित पवार खुले दिल के थे। वह बेबाक राय रखते थे। वह किसी से लंबे समय तक बैर नहीं रखते थे। अजित पवार ने भले ही राजनीति में अलग राह चुनी, लेकिन उन्होंने हमारे रिश्ते को टूटने नहीं दिया।” उद्धव ने ठाकरे परिवार और शिवसेना (उबाठा) की ओर से अजित पवार को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि अजित पवार एक ऐसे नेता के रूप में जाने जाते थे, जो अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को महत्व देते थे और वह वास्तव में एक ‘दादा' थे।

PunjabKesari

उद्धव के बेटे और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने पवार की मौत को स्तब्ध करने वाली घटना बताया। उन्होंने कहा, “मेरे पास अपनी भावनाएं जाहिर करने के लिए शब्द नहीं हैं।” आदित्य ने कहा, “मुझे अजित पवार के साथ पांच-छह साल काम करने का मौका मिला, पहले सरकार में और फिर विपक्ष में। विधायी मामलों पर उनकी मजबूत पकड़ और उनके स्नेही स्वभाव ने मेरे जैसे कई लोगों का दिल जीत लिया। विपक्ष में रहते हुए भी मैंने सार्वजनिक रूप से कई बार यह बात कही थी।”

Related Story

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!