Edited By Rohini Oberoi,Updated: 05 Mar, 2026 03:15 PM

पुरुषों की प्रजनन क्षमता का आधार स्पर्म (Sperm) यानी शुक्राणु होते हैं। हालांकि ये आकार में इतने सूक्ष्म होते हैं कि इन्हें केवल माइक्रोस्कोप से देखा जा सकता है लेकिन एक नए जीवन की शुरुआत के लिए इनका स्वस्थ होना अनिवार्य है। आइए जानते हैं कि पुरुषों...
Sperm Production Process in Males : पुरुषों की प्रजनन क्षमता का आधार स्पर्म (Sperm) यानी शुक्राणु होते हैं। हालांकि ये आकार में इतने सूक्ष्म होते हैं कि इन्हें केवल माइक्रोस्कोप से देखा जा सकता है लेकिन एक नए जीवन की शुरुआत के लिए इनका स्वस्थ होना अनिवार्य है। आइए जानते हैं कि पुरुषों के शरीर में इनका निर्माण कैसे होता है और ये कितने समय तक सक्रिय रहते हैं।
कैसा दिखता है एक स्पर्म?
दिखने में स्पर्म किसी टैडपोल (मेंढक के बच्चे) जैसा होता है। इसके मुख्य तीन हिस्से होते हैं:
हेड (Head): इसमें पुरुष का डीएनए (DNA) मौजूद होता है।
मिडपीस (Midpiece): यह स्पर्म को आगे बढ़ने के लिए ऊर्जा (Energy) प्रदान करता है।
पूंछ (Tail): लंबी पूंछ की मदद से स्पर्म तैरते हुए महिला के एग तक पहुंचने का प्रयास करता है।

स्पर्म बनने की प्रक्रिया: कब और कहां?
हेल्थ एक्सपर्ट्स और Cleveland Clinic के अनुसार पुरुषों में स्पर्म बनने की प्रक्रिया किशोरावस्था (प्यूबर्टी) यानी 10 से 12 साल की उम्र के आसपास शुरू होती है। स्पर्म का निर्माण अंडकोष (Testicles) के अंदर मौजूद बेहद पतली नलिकाओं में होता है जिन्हें सेमिनिफेरस ट्यूब्स कहा जाता है। यहां बनने के बाद स्पर्म 'एपिडिडिमिस' नामक नली में पहुंचते हैं जहां वे पूरी तरह विकसित और परिपक्व होते हैं। इजेकुलेशन (स्खलन) के दौरान ये प्रोस्टेट ग्लैंड से होते हुए यूरेथ्रा के रास्ते शरीर से बाहर निकलते हैं। खास बात यह है कि पुरुष अपने पूरे जीवनकाल में स्पर्म का निर्माण करते रहते हैं।
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शरीर के अंदर और बाहर कितना होता है जीवनकाल?
स्पर्म के जीवित रहने की अवधि इस बात पर निर्भर करती है कि वे कहां हैं:
पुरुष के शरीर में: यदि इजेकुलेशन नहीं होता तो स्पर्म लगभग 74 से 90 दिनों (करीब ढाई महीने) तक जीवित रहते हैं। इसके बाद वे अपने आप नष्ट हो जाते हैं और शरीर उन्हें सोख (Absorb) लेता है।
महिला के शरीर में: असुरक्षित संबंध के बाद स्पर्म महिला के प्रजनन मार्ग में 5 दिनों तक जीवित रह सकते हैं। यही कारण है कि संबंध बनाने के कुछ दिनों बाद भी गर्भधारण की संभावना बनी रहती है।
खुले वातावरण में: शरीर से बाहर निकलने पर स्पर्म ज्यादा देर नहीं टिकते। यदि वीर्य सूख जाए या तापमान बदल जाए तो ये 1 घंटे के भीतर नष्ट हो जाते हैं।

स्पर्म काउंट और क्वालिटी का गणित
एक स्वस्थ पुरुष के 1 मिलीलीटर वीर्य (Semen) में 15 मिलियन से लेकर 200 मिलियन तक स्पर्म हो सकते हैं। यदि यह संख्या 15 मिलियन से कम हो जाती है तो इसे लो स्पर्म काउंट कहा जाता है जिससे पिता बनने में समस्या आ सकती है। आधुनिक मेडिकल साइंस में स्पर्म को फ्रीज करके कई वर्षों तक सुरक्षित रखा जा सकता है जिसका उपयोग बाद में आईवीएफ (IVF) जैसी तकनीकों में किया जाता है।