Edited By Anu Malhotra,Updated: 14 Jun, 2026 08:50 AM

Assam plane crash : बिहार के जहानाबाद जिले का बनवरिया गांव कल से गहरे शोक में डूबा हुआ है। 13 जून का दिन इस गांव के लिए कभी न भूलने वाला दर्दनाक दिन बन गया। भारतीय वायुसेना (IAF) के होनहार फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार असम के जोरहाट में हुए AN-32...
Assam plane crash : बिहार के जहानाबाद जिले का बनवरिया गांव कल से गहरे शोक में डूबा हुआ है। 13 जून का दिन इस गांव के लिए कभी न भूलने वाला दर्दनाक दिन बन गया। भारतीय वायुसेना (IAF) के होनहार फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार असम के जोरहाट में हुए AN-32 विमान हादसे में शहीद हो गए हैं। इस दुर्घटना में शुभम समेत वायुसेना के 5 जांबाज जवानों ने देश सेवा करते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया।
'अभी Busy हूं, बाद में बात करूंगा'... और कट गया फोन
शहीद शुभम कुमार के जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। हादसे वाले दिन यानी शनिवार की सुबह करीब 9:00 बजे शुभम ने अपनी मां से वीडियो कॉल पर बात की थी। ड्यूटी पर होने के कारण उन्होंने जल्दबाजी में मां से कहा था, 'अभी थोड़ा व्यस्त हूं, बाद में आराम से बात करूंगा।' किसी को नहीं पता था कि मां और बेटे के बीच यह बातचीत आखिरी साबित होगी। शुभम के छोटे भाई सत्यम ने बताया कि जब पहली बार फोन पर हादसे की खबर मिली, तो किसी को यकीन ही नहीं हुआ। लेकिन बाद में वायुसेना के अधिकारियों द्वारा पुष्टि किए जाने के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया।
किसान के बेटे ने तय किया था वायुसेना अधिकारी तक का सफर
शुभम कुमार का जन्म एक बेहद साधारण किसान परिवार में हुआ था। लेकिन उनके सपने आसमान छूने वाले थे। अपनी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने साल 2021 में भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग अधिकारी के रूप में कमीशन प्राप्त किया था। परिवार के सदस्यों ने बताया कि शुभम के दिल में देश सेवा का जज्बा इस कदर था कि उन्होंने फिलहाल शादी करने से भी साफ इनकार कर दिया था। उनका कहना था कि अभी उनका पूरा ध्यान सिर्फ और सिर्फ देश की रक्षा पर है। बनवरिया गांव के बुजुर्गों का कहना है कि शुभम इतने बड़े पद पर होने के बावजूद बेहद सरल और मिलनसार थे। जब भी गांव आते, सबसे बेहद अदब से मिलते थे।