पुरी रथ यात्रा के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम: 7000 पुलिसकर्मी तैनात, 475 कैमरों से होगी चप्पे-चप्पे की निगरानी

Edited By Updated: 23 Jun, 2026 09:55 PM

tight security arrangements for puri rath yatra

ओडिशा सरकार ने मंगलवार को कहा कि वह पुरी में 16 जुलाई से शुरू होने वाली भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथ यात्रा के लिए लगभग सात हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती करेगी और 475 सीसीटीवी कैमरे लगाएगी।

नेशनल डेस्कः ओडिशा सरकार ने मंगलवार को कहा कि वह पुरी में 16 जुलाई से शुरू होने वाली भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथ यात्रा के लिए लगभग सात हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती करेगी और 475 सीसीटीवी कैमरे लगाएगी। ओडिशा के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने रथ यात्रा को लेकर आयोजित दूसरी समन्वय बैठक के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, ''इस बार राज्य सरकार ने जनवरी से ही रथ यात्रा की तैयारियां शुरू कर दी थी और त्योहार को बिना किसी गड़बड़ी या घटना के संपन्न कराने के लिए उपाय किए जा रहे हैं।''

हरिचंदन ने बैठक के दौरान कहा कि सभी संबंधित विभागों से रथ यात्रा शुरू होने से काफी पहले अपना काम पूरा करने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसर के भीतर और बाहर सुरक्षा व्यवस्था के प्रभारी एडीजीपी सौमेंद्र प्रियदर्शी ने बताया कि त्योहार के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत पुलिस बल की करीब 220 प्लाटून (एक प्लाटून में 30 जवान होते हैं) तैनात की जाएंगी। साथ ही, स्नान पूर्णिमा (20 जून) से नीलाद्रि बिजे (28 जुलाई) तक पांच-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी।

उन्होंने बताया कि भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारियों को सुरक्षा के अलग-अलग पहलुओं, जैसे भीड़ प्रबंधन, यातायात, कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण में तैनात किया जाएगा। प्रियदर्शी ने कहा कि उत्सव के दौरान एनएसजी की एक विशेष टीम तैनात की जाएगी और पूरे पुरी नगर निगम इलाके की निगरानी सीसीटीवी से की जाएगी। उन्होंने कहा, ''हमने अब तक 'बड़ा दांडा' (मंदिर के सामने की विशाल सड़क)पर लगभग 200 सीसीटीवी कैमरे लगा दिए हैं।''

एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस बार भगदड़ जैसी स्थिति से बचने के लिए एक विशेष योजना बनाई गई है, क्योंकि पिछले साल ऐसी ही स्थिति में तीन लोगों की मौत हो गई थी। सुरक्षा के अलावा, सरकार की तैयारी स्वास्थ्य क्षेत्र पर भी केंद्रित है क्योंकि 16 जुलाई को उत्सव के पहले दिन 10 लाख से ज़्यादा श्रद्धालुओं के एकत्र होने की संभावना है। राज्य के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री मुकेश महालिंग ने कहा, ''स्वास्थ्य विभाग ने श्रद्धालुओं के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं, जिनमें ज़िला मुख्यालय अस्पताल में अतिरिक्त बिस्तर और एक विशेष बर्न यूनिट की स्थापना शामिल है।''

उन्होंने कहा कि बड़ा डंडा पर 30 प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और दो 'कैजुअल्टी सेंटर' बनाए जाएंगे और उत्सव के दौरान एम्बुलेंस का एक बेड़ा तैनात किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि भारी भीड़ के मद्देनजर रेलवे 370 विशेष रेलगाड़ियों का संचालन करेगा और तीर्थयात्रियों के लिए अतिरिक्त टिकट काउंटर खोलेगा। उन्होंने बताया कि पार्किंग की सुविधाओं को भी बेहतर बनाया जा रहा है। जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के मुख्य प्रशासक अरबिंद पाढ़ी ने बैठक में बताया कि भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ के रथों के निर्माण का कार्य अंतिम चरण में है। 

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