Edited By Pooja Gill,Updated: 05 Apr, 2026 11:38 AM

नेशनल डेस्क: मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इज़रायल और ईरान के बीच चल रहे तनाव और संघर्ष का असर अब ईंधन सप्लाई पर भी दिखने लगा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बाधा के कारण पेट्रोल...
नेशनल डेस्क: मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इज़रायल और ईरान के बीच चल रहे तनाव और संघर्ष का असर अब ईंधन सप्लाई पर भी दिखने लगा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बाधा के कारण पेट्रोल-डीजल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर लोगों की पसंद पर पड़ा है और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की मांग तेजी से बढ़ी है।
कितनी हुई बिक्री?
पिछले डेढ़ महीने में 3000 से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री हुई है। इनमें लगभग 1800 दोपहिया, 700 तीन पहिया और 500 कार शामिल हैं। ये आंकड़े पंजीकृत और बिना पंजीयन वाले वाहनों को मिलाकर हैं। जबकि साल 2025 में इसी अवधि में करीब 1900 ईवी ही बिके थे।
लगातार बढ़ रही इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर एसोसिएशन (FADA) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीषराज सिंघानिया के अनुसार, पिछले कुछ महीनों से इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग लगातार बढ़ रही है। खाड़ी क्षेत्र में चल रहे हालात के कारण लोग ज्यादा से ज्यादा ईवी खरीद रहे हैं, खासकर दोपहिया और तीन पहिया वाहन।
सरकार भी दे रही ईवी को बढ़ावा
राज्य में सरकार भी ईवी को बढ़ावा दे रही है। ईवी की कीमत पर कम से कम 10% और अधिकतम 1 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। साथ ही टैक्स में 50% तक की छूट भी मिल रही है, जिससे खरीदारी और बढ़ी है। इस समय रायपुर जिले में लगभग 14,000 और पूरे राज्य में 1.63 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन सड़कों पर चल रहे हैं। रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग-भिलाई जैसे शहरों में ई-बाइक, ई-स्कूटर और ई-रिक्शा सबसे ज्यादा हैं।
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची बिक्री
देशभर में भी ईवी की बिक्री रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। मार्च 2026 में बिक्री 23% बढ़कर 2.43 मिलियन यूनिट हो गई, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। फरवरी में यह 14,177 यूनिट और मार्च में 21,716 यूनिट रही।
कम होगा प्रदूषण
विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग से पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम होगी और प्रदूषण भी घटेगा। चार्जिंग सुविधाओं में सुधार होने से लोगों को अब ज्यादा परेशानी नहीं होती। फिलहाल राज्य में ईवी की हिस्सेदारी करीब 7% है, जो 2030 तक बढ़कर 25% तक पहुंच सकती है। सरकार की नई नीतियों, सब्सिडी और टैक्स छूट के कारण आने वाले समय में ईवी की बिक्री और तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।