Edited By Radhika,Updated: 25 Apr, 2026 12:59 PM

आज के डिजिटल दौर में हमारा मोबाइल नंबर बातचीत के जरिए के अलावा बैंक अकाउंट, UPI और आधार से जुड़ा एक जरुरी हिस्सा बन चुका है। ऐसे में सिम कार्ड का बंद होना बड़ी मुसीबत बन सकता है। लेकिन क्या आप लोग जानते हैं कि सिम कार्ड को रिचार्ज न करवाने की...
नेशनल डेस्क: आज के डिजिटल दौर में हमारा मोबाइल नंबर बातचीत के जरिए के अलावा बैंक अकाउंट, UPI और आधार से जुड़ा एक जरुरी हिस्सा बन चुका है। ऐसे में सिम कार्ड का बंद होना बड़ी मुसीबत बन सकता है। लेकिन क्या आप लोग जानते हैं कि सिम कार्ड को रिचार्ज न करवाने की लापरवाही आपके नंबर को हमेशा के लिए छीन सकती है?
TRAI के 2025-26 के नए नियम क्या हैं?
TRAI ने sim activation को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन्स जारी की हैं। आइए जानते हैं इन नियमों के बारे में-
- अगर आप 90 दिनों तक अपने सिम कार्ड से कोई एक्टिविटी नहीं करते तो कंपनी ऑटोमेटिकली उसे डिएक्टिवेट करने का प्रोसेस शुरु कर सकती है।
- अगर 90 दिनों के बाद भी सिम इस्तेमाल नहीं होता, तो कंपनियां वैलिडिटी बढ़ाने के लिए आपके बैलेंस से ₹20 काट सकती हैं।
- अगर आपके फोन मे बैलेंस ₹20 से कम है और आपका सिम बंद हो जाता है, तो यूजर को 15 दिनों का अतिरिक्त समय दिया जाता है ताकि वह रिचार्ज करवा कर नंबर फिर से चालू कर सके।

सेवाएं बंद होने का क्रम: स्टेप-बाय-स्टेप समझें
1. आपके सिम कार्ड की वैलिडिटी खत्म होते ही सबसे पहले आपकी कॉल करने और SMS भेजने की सर्विस रोक दी जाती है।
2. आउटगोइंग बंद होने के कुछ समय बाद इनकमिंग कॉल और मैसेज (OTP सहित) भी आने बंद हो जाते हैं। यह सबसे नाजुक स्थिति है क्योंकि आपके बैंकिंग ट्रांजेक्शन रुक सकते हैं।
3. इसके अलवा अगर आप तकरीबन 60-90 दिन तक कोई रिचार्ज नहीं कराते, तो कंपनी सिम को पूरी तरह नेटवर्क से हटा देती है।
क्या किसी दूसरे को मिल सकता है आपका नंबर?
अगर कंपनी आपका नंबर डिएक्टिवेट करती है तो टेलीकॉम कंपनियां उस नंबर को 'उपलब्ध नंबरों की सूची' में डाल देती हैं। कुछ महीनों के अंतराल के बाद वह नंबर किसी नए ग्राहक को अलॉट किया जा सकता है।