Strike Alert! इस राज्य में आज से सड़कों से गायब रहेंगे बस, ट्रक और टैक्सी, घर से निकलने से पहले पढ़ लें ये जरुरी खबर

Edited By Updated: 05 Mar, 2026 09:32 AM

indefinite strike of trucks buses and taxis in maharashtra from today

महाराष्ट्र के करोड़ों यात्रियों और छात्रों के लिए आज का दिन मुश्किलों भरा हो सकता है। ई-चालान और पार्किंग नियमों के खिलाफ ट्रांसपोर्टरों ने आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। मुंबई के आजाद मैदान से शुरू होने वाला यह आंदोलन पूरे राज्य के परिवहन तंत्र...

Maharashtra Strike : महाराष्ट्र के करोड़ों यात्रियों और छात्रों के लिए आज का दिन मुश्किलों भरा हो सकता है। ई-चालान और पार्किंग नियमों के खिलाफ ट्रांसपोर्टरों ने आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। मुंबई के आजाद मैदान से शुरू होने वाला यह आंदोलन पूरे राज्य के परिवहन तंत्र को ठप करने की ताकत रखता है।

क्यों हो रही है हड़ताल? 

ट्रांसपोर्टरों की नाराजगी का सबसे बड़ा कारण ई-चालान व्यवस्था है।

कौन-कौन शामिल है इस आंदोलन में?

यह हड़ताल केवल बड़े ट्रकों तक सीमित नहीं है इसमें निम्नलिखित सेवाएं भी शामिल हैं:

  1. स्कूल बसें: बोर्ड परीक्षाओं के समय स्कूल बसों का बंद होना छात्रों और अभिभावकों के लिए सबसे बड़ी चिंता है।

  2. प्राइवेट बसें और टैक्सी: मुंबई-पुणे जैसे रूट पर चलने वाली पर्यटक बसें और ऐप-आधारित कैब (Uber/Ola) भी प्रभावित होंगी।

  3. टेम्पो और ऑटो: लोकल सप्लाई और लास्ट माइल कनेक्टिविटी पूरी तरह चरमरा सकती है।

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इन सेवाओं पर पड़ेगा सीधा असर

अगर सरकार और संगठनों के बीच आज होने वाली बैठक विफल रहती है तो 48 से 72 घंटों के भीतर राज्य में हाहाकार मच सकता है:

  • किचन का बजट: दूध, सब्जी और फलों की सप्लाई चेन टूटने से कीमतें आसमान छू सकती हैं।

  • ईंधन संकट: पेट्रोल-डीजल के टैंकर रुकने से पंपों पर लंबी कतारें दिख सकती हैं।

  • परीक्षा पर संकट: बोर्ड परीक्षार्थियों को केंद्रों तक पहुंचने में भारी किल्लत का सामना करना पड़ेगा।

क्या हैं ट्रांसपोर्टरों की मांगें?

  • अनुचित ई-चालानों को तुरंत रद्द किया जाए।

  • अदालती सुनवाई के लिए 50% राशि जमा करने का नियम खत्म हो।

  • जब तक पार्किंग स्थल न बनें, 'नो-पार्किंग' जुर्माना बंद हो।

  • बॉर्डर चेकपोस्ट को पूरी तरह समाप्त किया जाए।

  • परिवहन विवादों के समाधान के लिए अलग 'ट्रिब्यूनल' बने।

सरकार का रुख

परिवहन मंत्री प्रताप सरणाईक ने कहा कि सरकार सकारात्मक है और 6 मार्च तक कुछ अधिसूचनाएं जारी कर सकती है। हालांकि ट्रांसपोर्टर अब मौखिक वादों के बजाय सरकारी रेजोल्यूशन (GR) पर हस्ताक्षर चाहते हैं। जब तक लिखित आदेश नहीं मिलता, पहिये नहीं घूमेंगे।

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