Edited By Anu Malhotra,Updated: 08 Apr, 2026 08:12 AM

देशभर में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने लगा है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो रही है, जिससे दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।
नई दिल्ली: देशभर में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने लगा है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो रही है, जिससे दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटे के दौरान दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कम से कम 11 राज्यों में खराब मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है। कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें बारिश, आंधी और तेज हवाओं की आशंका जताई गई है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर पहाड़ी इलाकों में भी देखने को मिलेगा। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में मौसम में बदलाव के कारण भूस्खलन और हिमस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। तेज हवाओं के कारण न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने की संभावना है, जिससे सुबह और शाम के समय मौसम थोड़ा ठंडा महसूस होगा।
दिल्ली-NCR इलाके में बुधवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, आसमान में बादल छाए रहेंगे, तेज हवाएं चलेंगी और बीच-बीच में बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तूफानी गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं। दिल्ली में न्यूनतम तापमान लगभग 16 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
आगे के पूर्वानुमान के अनुसार, गुरुवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। 10 से 11 अप्रैल के बीच मौसम में धीरे-धीरे सुधार होगा, आसमान साफ रहेगा और तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। इस दौरान अधिकतम तापमान 33 से 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में 8 और 9 अप्रैल को हल्की से मध्यम बारिश के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। वहीं हिमाचल प्रदेश के शिमला, कुल्लू, मंडी, कांगड़ा और किन्नौर जिलों में 8 से 10 अप्रैल के बीच मध्यम से भारी बारिश हो सकती है, क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव जारी रहेगा।