Rain Alert : अगले 48 घंटे तक इन राज्यों में चेतावनी जारी, आंधी-तूफान समेत बारिश... जानिए अपने शहर का हाल

Edited By Updated: 08 Apr, 2026 07:11 PM

alert for storms and rain in several states

देशभर में मौसम ने अचानक करवट ली है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक भीषण गर्मी से राहत बनी रहेगी और लू की गतिविधियों पर फिलहाल विराम रहेगा। हालांकि, कई राज्यों में अधिकतम तापमान अब भी 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जो हीटवेव...

नेशनल डेस्क : देशभर में मौसम ने अचानक करवट ली है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक भीषण गर्मी से राहत बनी रहेगी और लू की गतिविधियों पर फिलहाल विराम रहेगा। हालांकि, कई राज्यों में अधिकतम तापमान अब भी 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जो हीटवेव की सीमा के करीब है।

पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम का मिजाज

आईएमडी के मुताबिक, उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते गुरुवार तक मौसम खराब बना रहेगा। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, हल्की से मध्यम बारिश, ओलावृष्टि और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। वहीं, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार में गरज-चमक के साथ आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

दिल्ली-एनसीआर में राहत भरा मौसम

राजधानी दिल्ली-एनसीआर में बीते कई दिनों से बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने से तापमान नियंत्रित रहा है। न्यूनतम तापमान करीब 16 डिग्री और अधिकतम 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। वायु गुणवत्ता में भी सुधार दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों में गरज के साथ बारिश की संभावना जताई है।

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राजस्थान और मध्य प्रदेश में अलर्ट

राजस्थान में कोटा, जयपुर, बीकानेर, अजमेर, उदयपुर और भरतपुर संभाग में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का खतरा बना हुआ है। पिछले तीन दिनों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, 9 अप्रैल के बाद मौसम साफ होने और तापमान में 3-4 डिग्री की बढ़ोतरी की संभावना है। मध्य प्रदेश में भी साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी विक्षोभ के असर से भोपाल, ग्वालियर, सागर, रीवा समेत कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी है। 11 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है।

यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में खराब मौसम

उत्तर प्रदेश के करीब 45 जिलों में बारिश और 10 जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और वज्रपात का खतरा भी बना हुआ है। लखनऊ, कानपुर, बुंदेलखंड और पश्चिमी यूपी के कई हिस्सों में बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना है। बिहार में भी आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

पंजाब-हरियाणा और पहाड़ी राज्यों में असर

पंजाब और हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ के कारण तापमान में गिरावट आई है। चंडीगढ़, अमृतसर, लुधियाना, पटियाला समेत कई शहरों में बारिश और तेज हवाएं दर्ज की गईं। जम्मू-कश्मीर में गुलमर्ग, कुपवाड़ा और बांदीपुरा में बर्फबारी और घाटी में भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने हिमस्खलन, भूस्खलन और बाढ़ का खतरा जताया है।

दक्षिण और पूर्वोत्तर में भी बारिश का असर

दक्षिण भारत में साइक्लोनिक सर्कुलेशन के चलते तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में 9-10 अप्रैल तक तेज बारिश और तूफानी हवाओं का अलर्ट है। लोगों को समुद्र तट से दूर रहने की सलाह दी गई है। पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भी असम, त्रिपुरा, मणिपुर, मिजोरम, पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।

क्या है पश्चिमी विक्षोभ और हीटवेव?

पश्चिमी विक्षोभ एक मौसमी प्रणाली है, जो भूमध्यसागर क्षेत्र से उत्पन्न होकर भारत के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में पहुंचती है और बारिश, आंधी व बर्फबारी लाती है। वहीं, हीटवेव तब घोषित की जाती है जब मैदानी इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक हो और सामान्य से कम से कम 4.5 डिग्री ज्यादा हो। तटीय क्षेत्रों के लिए यह सीमा 37 डिग्री और पहाड़ी इलाकों के लिए 30 डिग्री निर्धारित है।

आने वाले दिनों में बढ़ सकती है गर्मी

हालांकि फिलहाल मौसम सुहावना बना हुआ है, लेकिन अगले सप्ताह तक तापमान में फिर से बढ़ोतरी के संकेत हैं। दक्षिण भारत, पश्चिमी और मध्य भारत के कई हिस्सों में गर्मी का असर बढ़ रहा है और जल्द ही कुछ क्षेत्रों में लू चलने की संभावना जताई गई है।

स्वास्थ्य पर असर और सावधानी जरूरी

विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मी बढ़ने के साथ ही डीहाइड्रेशन, हीट क्रैम्प्स और हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही, तेज धूप में लंबे समय तक रहने से सनबर्न की समस्या हो सकती है, जिससे त्वचा पर जलन, लाल चकत्ते और सूजन हो सकती है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम के अनुसार सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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