लंदन में भारतीय वैज्ञानिक का डंका, GAPTR ने दिया सर्वोच्च सम्मान

Edited By Updated: 30 Dec, 2025 07:04 PM

indian scientist shines in london gaptr bestows highest honour

लंदन स्थित प्रतिष्ठित गैर-लाभकारी वैज्ञानिक संस्था ग्लोबल एलायंस फॉर फार्मास्युटिकल एंड टॉक्सिकोलॉजिकल रिसर्च (GAPTR) ने प्रसिद्ध भारतीय शोधकर्ता और उद्यमी डॉ. अखिलेश वत्स को अपने सर्वोच्च सम्मान ‘ऑनरेरी लाइफटाइम फेलोशिप (F.GAPTR)’ से सम्मानित करने...

नई दिल्ली : लंदन स्थित प्रतिष्ठित गैर-लाभकारी वैज्ञानिक संस्था ग्लोबल एलायंस फॉर फार्मास्युटिकल एंड टॉक्सिकोलॉजिकल रिसर्च (GAPTR) ने प्रसिद्ध भारतीय शोधकर्ता और उद्यमी डॉ. अखिलेश वत्स को अपने सर्वोच्च सम्मान ‘ऑनरेरी लाइफटाइम फेलोशिप (F.GAPTR)’ से सम्मानित करने की घोषणा की है। यह सम्मान डॉ. वत्स को फार्मास्युटिकल फॉर्मूलेशन, नैनो-टेक्नोलॉजी और ड्रग डिलीवरी सिस्टम्स के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के साथ-साथ सैकड़ों युवा शोधकर्ताओं को निस्वार्थ रूप से मार्गदर्शन देने के लिए दिया गया है।

असाधारण नेतृत्व के लिए विशेष सम्मान
GAPTR की ओर से बताया गया कि ‘ऑनरेरी फेलो’ की उपाधि केवल उन्हीं वैज्ञानिकों को दी जाती है, जिन्होंने वैश्विक स्तर पर विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में असाधारण नेतृत्व दिखाया हो। ACME Research Solutions के निदेशक डॉ. अखिलेश वत्स अब GAPTR द्वारा मान्यता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों की विशिष्ट सूची में शामिल हो गए हैं।

GAPTR लंदन का आधिकारिक बयान
GAPTR (लंदन) के सचिवालय निदेशक प्रो. रॉबर्ट क्लार्क ने आधिकारिक बयान में कहा, “गवर्निंग काउंसिल ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया है। डॉ. वत्स ने अकादमिक शोध और उद्योग के व्यावहारिक उपयोग के बीच की दूरी को पाटने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। भारत में सुलभ रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना और 200 से अधिक शोधकर्ताओं को मार्गदर्शन देना GAPTR के ‘वैज्ञानिक उत्कृष्टता को सभी तक पहुंचाने’ के मिशन के पूरी तरह अनुरूप है।”

ड्रग डिलीवरी सिस्टम्स में अग्रणी नाम
डॉ. अखिलेश वत्स नोवल ड्रग डिलीवरी सिस्टम्स (NDDS) के क्षेत्र में विशेषज्ञ माने जाते हैं। वे न केवल शोध कार्यों के लिए, बल्कि युवा वैज्ञानिकों को रेगुलेटरी प्रक्रियाओं और अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में पब्लिकेशन से जुड़ी जटिलताओं को समझाने और सुलझाने में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। सम्मान की घोषणा पर डॉ. अखिलेश वत्स ने कहा, “GAPTR से मिला यह सम्मान मेरे लिए अत्यंत गौरव और विनम्रता का विषय है। यह केवल मेरी उपलब्धि नहीं, बल्कि उन सभी छात्रों और शोधकर्ताओं की मेहनत का परिणाम है, जिनके साथ काम करने और उन्हें मार्गदर्शन देने का मुझे अवसर मिला। यह सम्मान भारत में फार्मास्युटिकल विज्ञान को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने के हमारे संकल्प को और मजबूत करता है।”

लंदन से जारी हुआ फेलोशिप प्रमाण पत्र
GAPTR के लंदन मुख्यालय से आज ‘गोल्ड सील’ युक्त फेलोशिप प्रमाण पत्र औपचारिक रूप से जारी कर दिया गया है। इसे भारतीय वैज्ञानिक समुदाय के लिए एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि माना जा रहा है।

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