Edited By Sahil Kumar,Updated: 11 Sep, 2026 03:13 PM

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने और भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने एवं दोनों देशों के समग्र संबंधों को मजबूत करने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ वार्ता के लिए शुक्रवार को यहां पहुंचे। राष्ट्रपति बनने...
नई दिल्लीः ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने और भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने एवं दोनों देशों के समग्र संबंधों को मजबूत करने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ वार्ता के लिए शुक्रवार को यहां पहुंचे। राष्ट्रपति बनने के बाद पेजेश्कियान की यह पहली भारत यात्रा है। उनकी यात्रा ऐसे समय हो रही है जब अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ नए दंडात्मक आर्थिक कदम उठाए जाने के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है।
ईरान के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री मोदी के साथ शुक्रवार शाम द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। पेजेश्कियान ने नयी दिल्ली रवाना होने से पहले कहा कि ब्रिक्स समूह के सदस्य देशों को अपनी आर्थिक मजबूती बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा, ''ब्रिक्स का नया बैंक डॉलर पर देशों की निर्भरता कम करने और अमेरिका के वर्चस्व कायम करने के प्रयासों का मुकाबला करने के लिए बनाया गया था।'' भारत की मेजबानी में शनिवार से शुरू हो रहे दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में खाद्य, ऊर्जा, स्वास्थ्य, आपदा जोखिम न्यूनीकरण और महत्वपूर्ण आपूर्ति शृंखलाओं के क्षेत्रों में सामूहिक क्षमता मजबूत करने पर जोर दिए जाने की संभावना है।
नई दिल्ली का प्रयास है कि मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों से निपटने के लिए ब्रिक्स एक प्रभावी मंच साबित हो। नयी दिल्ली में यह शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया संकट, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन की व्यापार एवं शुल्क नीतियों के प्रतिकूल प्रभावों से जूझ रही है।