Edited By Tanuja,Updated: 12 Sep, 2026 08:07 PM

नई दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन 2026 सर्वसम्मति से मंजूर हुआ। इसमें संस्कृति, शिक्षा, कौशल, महिला विकास, युवा सहयोग, रोजगार, पर्यटन और खेल को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। सदस्य देशों ने व्यापार, निवेश, डिजिटल कौशल...
New Delhi: भारत की राजधानी में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन 2026 को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि किसी भी सदस्य देश ने आपत्ति नहीं जताई। घोषणा में सदस्य देशों के बीच सांस्कृतिक और जन-से-जन संपर्क बढ़ाने के साथ महिलाओं, युवाओं, शिक्षा, कौशल, पर्यटन, खेल और रोजगार के क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने पर जोर दिया गया है।BRICS में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।
संस्कृति-विरासत और रचनात्मकता के संरक्षण पर जोर
घोषणा पत्र में BRICS देशों ने शिक्षा, पर्यटन, संस्कृति, खेल और नागरिक समाज के जरिए आपसी संपर्क बढ़ाने की जरूरत बताई। देशों ने सांस्कृतिक विविधता, विरासत और रचनात्मकता के संरक्षण तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर सहमति जताई। BRICS संस्कृति महोत्सव, फिल्म और थिएटर महोत्सव जैसी पहलों को भी सहयोग बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया गया है। संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों की सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा और चोरी हुई ऐतिहासिक वस्तुओं को उनके मूल देशों को लौटाने पर भी जोर दिया गया।
महिलाओं की भागीदारी पर फोकस
घोषणा में महिलाओं को आर्थिक विकास और सामाजिक बदलाव की प्रमुख शक्ति बताया गया। महिलाओं की शासन, वित्तीय और डिजिटल पहुंच, कौशल विकास, उद्यमिता और रोजगार में भागीदारी बढ़ाने की बात कही गई। भारत की पहल से महिलाओं के डिजिटल कौशल और सफल प्रयोगों से जुड़ा स्वैच्छिक साझा मंच बनाने का भी स्वागत किया गया। जलवायु कार्रवाई, खाद्य सुरक्षा और शांति निर्माण में महिलाओं की भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना गया।
शिक्षा और कौशल को मिलेगा बढ़ावा
BRICS देशों ने शिक्षा को समावेशी विकास और आर्थिक प्रगति का प्रमुख आधार माना। तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण को उद्योगों की बदलती जरूरतों से जोड़ने पर जोर दिया गया, ताकि युवाओं को भविष्य के रोजगार के लिए बेहतर तरीके से तैयार किया जा सके। डिजिटल साक्षरता, छात्रवृत्ति, शैक्षणिक आदान-प्रदान और पारंपरिक व स्थानीय ज्ञान प्रणालियों में सहयोग बढ़ाने की भी बात कही गई। शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सुरक्षित, नैतिक और मानव-केंद्रित इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया।
युवाओं और रोजगार पर भी खास ध्यान
घोषणा में युवाओं को नवाचार, समावेशी विकास और भविष्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताया गया। युवा उद्यमिता, विज्ञान-तकनीक, कौशल, खेल, पर्यावरण और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का फैसला किया गया। श्रम क्षेत्र में भी बेहतर रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और कौशल जरूरतों का अनुमान लगाने के लिए सहयोग मजबूत करने की बात कही गई। मंच आधारित और स्वतंत्र काम करने वाले श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने पर भी जोर दिया गया।
पर्यटन और खेल में सहयोग बढ़ेगा
BRICS ने पर्यटन को रोजगार, आर्थिक विकास और सांस्कृतिक समझ बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया। पर्यावरण अनुकूल, सामुदायिक और टिकाऊ पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ डिजिटल तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस्तेमाल पर जोर दिया गया। खेलों को भी देशों के बीच संपर्क बढ़ाने का माध्यम माना गया। BRICS खेलों के विस्तार, खेल तकनीक में सहयोग और खेल सामग्री के निर्माण तथा अनुसंधान में साझेदारी बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया।
कारोबार और संस्थागत सहयोग
घोषणा में BRICS व्यापार परिषद, व्यापार मंच और महिला उद्यमिता से जुड़ी पहलों की भूमिका की सराहना की गई। सदस्य देशों के बीच व्यापार, निवेश और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला के लिए कारोबारी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। घोषणा में BRICS के संस्थागत ढांचे को मजबूत करने की जरूरत भी बताई गई। भारत की 2026 की अध्यक्षता की सराहना करते हुए 2027 में चीन की अध्यक्षता और अगले शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए समर्थन जताया गया। भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस शिखर सम्मेलन का जोर लचीले विकास, नवाचार, सहयोग और वैश्विक स्तर पर BRICS की संस्थागत भूमिका मजबूत करने पर रहा।