Edited By Parveen Kumar,Updated: 27 Jul, 2026 12:28 AM

उन्नाव जिले में लखनऊ-कानपुर ग्रीनफील्ड एलिवेटेड एक्सप्रेसवे के एक हिस्से में सड़क धंसने के दावे के बीच रविवार को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने स्पष्ट किया कि सड़क 'धंसी' नहीं बल्कि ऊपरी परत उखड़ी थी जिसे ठीक करा दिया गया है।
नेशनल डेस्क : उन्नाव जिले में लखनऊ-कानपुर ग्रीनफील्ड एलिवेटेड एक्सप्रेसवे के एक हिस्से में सड़क धंसने के दावे के बीच रविवार को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने स्पष्ट किया कि सड़क 'धंसी' नहीं बल्कि ऊपरी परत उखड़ी थी जिसे ठीक करा दिया गया है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा ने स्पष्ट किया कि सड़क ''धंसी नहीं, बल्कि ऊपरी परत प्रभावित हुआ था'', जिसे शाम पांच बजे से पहले ही ठीक करा दिया गया।
वर्मा ने 'पीटीआई-भाषा' से बातचीत में कहा, ''इसे सड़क धंसना नहीं कहा जा सकता। धंसने का मतलब होता है कि मिट्टी बैठ जाए और पूरी सड़क नीचे चली जाए। यहां केवल ऊपरी हिस्सा प्रभावित हुआ था।'' वर्मा ने बताया कि जिस जगह सड़क की ऊपरी सतह प्रभावित हुई थी, वहां मरम्मत कार्य पूरा कर लिया गया है और यातायात सामान्य रूप से संचालित हो रहा है। निर्माण गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों पर वर्मा ने कहा, ''इतने लंबे एक्सप्रेसवे में कहीं-कहीं इस प्रकार की तकनीकी समस्या आ सकती है। डामर की सड़क पर कभी-कभी ऐसा हो जाता है, जबकि कंक्रीट सड़क में ऐसी स्थिति सामान्यतः नहीं होती।'' उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल इस घटना को लेकर किसी अलग जांच का इरादा नहीं है। उनके अनुसार, ''यह एक सामान्य तकनीकी समस्या थी, जिसे तत्काल ठीक करा दिया गया।''
इससे पहले, उन्नाव के कोरारी क्षेत्र में एक्सप्रेसवे के एक हिस्से का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसमें सड़क का हिस्सा क्षतिग्रस्त दिखाई दे रहा था। सबसे पहले यह वीडियो समाजवादी पार्टी (सपा) से जुड़े एक स्थानीय कार्यकर्ता द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किया गया और इसके बाद पार्टी के मीडिया प्रकोष्ठ ने भी इसे अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट करते हुए निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर कई उपयोगकर्ताओं ने परियोजना की गुणवत्ता, निर्माण प्रक्रिया और सार्वजनिक धन के उपयोग को लेकर सवाल उठाए तथा भ्रष्टाचार की आशंका भी व्यक्त की।
हालांकि, इन आरोपों की किसी सरकारी एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं की गई है। लगभग 4,700 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर ग्रीनफील्ड एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। परियोजना का उद्देश्य लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा समय कम करना तथा यातायात को अधिक सुगम बनाना है।