Edited By Parveen Kumar,Updated: 15 May, 2026 01:47 AM

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बृहस्पतिवार को मिस्र और थाईलैंड के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय वार्ता की, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना था। इस वार्ता में पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा हुई। भारत की अध्यक्षता...
नेशनल डेस्क : विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बृहस्पतिवार को मिस्र और थाईलैंड के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय वार्ता की, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना था। इस वार्ता में पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा हुई। भारत की अध्यक्षता में दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक (एफएमएम) के दौरान उनकी मिस्र के विदेश मंत्री बदर अब्देलट्टी और थाईलैंड के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री सिहासक फुआंगकेटकेओ के साथ अलग-अलग बैठकें हुईं।
विदेश मंत्री ने 'एक्स' पर सिलसिलेवार पोस्ट में विभिन्न नेताओं के साथ हुई द्विपक्षीय बैठकों की तस्वीरें भी साझा कीं। जयशंकर ने पोस्ट किया, "विदेश मंत्री बदर अब्देलट्टी से मिलना हमेशा अच्छा लगता है, इस बार ब्रिक्स भारत 2026 एफएमएम के दौरान उनसे मुलाकात हुई। ब्रिक्स एफएमएम में हुए घटनाक्रमों पर चर्चा की। पश्चिम एशिया पर विचारों का रोचक आदान-प्रदान हुआ।" एक अलग पोस्ट में, उन्होंने अपने थाई समकक्ष के साथ हुई द्विपक्षीय वार्ता के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की।
उन्होंने लिखा, "आज शाम थाईलैंड के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री सिहासक फुआंगकेटकेओ से मुलाकात बहुत अच्छी रही। हमारी चर्चा व्यापार, संपर्क, समुद्री और रक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारत-थाईलैंड सहयोग को गहरा करने पर केंद्रित थी। म्यांमा और पश्चिम एशिया पर भी विचार साझा किए गए।"