Edited By Pardeep,Updated: 15 May, 2026 01:35 AM

इंडोनेशिया में एक बार फिर कुदरत ने अपना रौद्र रूप दिखाया है। गुरुवार देर रात (भारतीय समयानुसार) बांदा सागर के इलाके में आए भीषण भूकंप ने धरती को बुरी तरह हिलाकर रख दिया। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 6.2 मापी गई है, जिससे तटीय इलाकों में हड़कंप मच...
इंटरनेशनल डेस्क: इंडोनेशिया में एक बार फिर कुदरत ने अपना रौद्र रूप दिखाया है। गुरुवार देर रात (भारतीय समयानुसार) बांदा सागर के इलाके में आए भीषण भूकंप ने धरती को बुरी तरह हिलाकर रख दिया। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 6.2 मापी गई है जिससे तटीय इलाकों में हड़कंप मच गया और लोग दहशत के मारे अपने घरों से बाहर निकल आए।
टला सुनामी का खतरा
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 146 किलोमीटर (91 मील) की गहराई पर था। हालांकि इंडोनेशियाई एजेंसी (BMKG) ने इसकी तीव्रता 6.7 और गहराई 163 किमी बताई है। राहत की बात यह रही कि केंद्र की गहराई बहुत ज्यादा होने के कारण समुद्र में सुनामी का कोई खतरा पैदा नहीं हुआ जिससे एक बड़ी तबाही टल गई।
तुआल और अमहई समेत कई शहरों में दहशत
भूकंप का केंद्र तुआल से लगभग 271 किमी और अमहई से 356 किमी की दूरी पर था,। साउमलाकी, बांदा और तुआल जैसे शहरों में झटके इतने तेज थे कि लोगों ने इसे तीव्रता II-III (MMI) के स्तर पर महसूस किया,। फिलहाल जान-माल के भारी नुकसान की कोई खबर नहीं है, लेकिन भूकंप की तीव्रता ने प्रशासन को अलर्ट मोड पर ला दिया है।
इमारतों की मजबूती पर उठा सवाल: 'ग्रीन अलर्ट' जारी
भले ही विशेषज्ञों ने हताहतों और आर्थिक नुकसान की संभावना को कम बताते हुए 'ग्रीन अलर्ट' जारी किया है, लेकिन इस क्षेत्र की इमारतों को लेकर चिंता जताई गई है। बताया जा रहा है कि इस इलाके में ज्यादातर घर बिना सुदृढ़ीकरण वाली ईंटों और कंक्रीट फ्रेम से बने हैं, जो तेज झटकों में अत्यधिक संवेदनशील साबित हो सकते हैं।
प्रलय की आशंका से सहमे लोग
इंडोनेशिया 'रिंग ऑफ फायर' क्षेत्र में स्थित होने के कारण अक्सर भूकंपों का सामना करता है, लेकिन 6.2 की तीव्रता ने स्थानीय निवासियों में पुरानी यादें ताजा कर दी हैं। हालांकि अभी स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन आपदा प्रबंधन विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।