Edited By Rohini Oberoi,Updated: 12 May, 2026 09:39 AM

बलिया की एक स्थानीय अदालत ने फर्जी तरीके से भारतीय पासपोर्ट बनवा कर बहरीन और सऊदी अरब की यात्रा करने तथा भूमि की रजिस्ट्री कराने के तीन साल पुराने मामले में रोहिंग्या समुदाय के एक व्यक्ति को दोषी करार देते हुए तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है।
Ballia Court Sentence Rohingya : बलिया की एक स्थानीय अदालत ने फर्जी तरीके से भारतीय पासपोर्ट बनवा कर बहरीन और सऊदी अरब की यात्रा करने तथा भूमि की रजिस्ट्री कराने के तीन साल पुराने मामले में रोहिंग्या समुदाय के एक व्यक्ति को दोषी करार देते हुए तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के सूत्रों के अनुसार 14 मार्च 2023 को बलिया शहर कोतवाली में आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) की वाराणसी इकाई के निरीक्षक भारत भूषण तिवारी की तहरीर पर बांग्लादेश के कॉक्स बाजार स्थित रोहिंग्या कैंप में रहने वाले अब्दुल अमीन के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता तथा विदेशी अधिनियम की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
आरोप है कि अमीन ने बलिया के लोगों के सहयोग से अवैध तरीक से भारतीय दस्तावेज प्राप्त करके इसके आधार पर पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में पंडुआ के पुरुषोत्तमपुर में अवैध तरीक से जमीन की रजिस्ट्री कराई और फर्जी तरीके से पासपोर्ट बनवाकर दो बार बहरीन और दो बार सऊदी अरब की यात्रा की।
पुलिस ने जांच के बाद अमीन के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने मंगलवार को बताया कि अपर जिला जज राम कृपाल के न्यायालय ने सोमवार को मुकदमे की सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों की सुनवाई करने के बाद आरोपी अमीन को दोषी करार देते हुए तीन साल के कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।