Edited By Tanuja,Updated: 11 May, 2026 01:35 PM

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची इस सप्ताह भारत आ सकते हैं। उनका दौरा BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक और पश्चिम एशिया संकट के बीच हो रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य, ऊर्जा सुरक्षा, युद्धविराम और भारत-ईरान रणनीतिक सहयोग प्रमुख एजेंडे में शामिल रह...
International Desk: अमेरिका और इजरायल के साथ जारी तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते संकट और वैश्विक तेल बाजार में उथल-पुथल के बीच ईरान अब भारत की तरफ उम्मीद भरी नजरों से देख रहा है। इसी कूटनीतिक हलचल के बीच ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची (Seyed Abbas Araghchi) इस सप्ताह नई दिल्ली पहुंच रहे हैं, जहां BRICS मंच पर युद्ध, ऊर्जा सुरक्षा और पश्चिम एशिया के भविष्य को लेकर बड़ा मंथन होने वाला है। माना जा रहा है कि तेहरान इस दौरे के जरिए भारत से रणनीतिक और कूटनीतिक समर्थन हासिल करने की कोशिश करेगा।
ईरान के विदेश मंत्री का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब पश्चिम एशिया में युद्ध, होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट लगातार बढ़ रहा है। भारत 14-15 मई को BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करने जा रहा है। माना जा रहा है कि इस बैठक में ईरान, रूस, चीन और अन्य देशों के प्रतिनिधि पश्चिम एशिया की स्थिति, युद्धविराम और वैश्विक तेल आपूर्ति पर चर्चा करेंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही पर भी अहम बातचीत हो सकती है। हाल के हफ्तों में भारतीय जहाजों को इस इलाके में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा है।
यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि ईरान हालिया युद्ध और अमेरिकी दबाव के बीच BRICS मंच को कूटनीतिक समर्थन जुटाने के लिए इस्तेमाल करना चाहता है। भारत इस समय BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और खुद को एक संतुलित वैश्विक शक्ति के रूप में पेश कर रहा है। ऐसे में नई दिल्ली पश्चिम एशिया संकट में संवाद और तनाव कम करने की दिशा में अहम भूमिका निभा सकती है।विशेषज्ञों का मानना है कि इस बैठक में तेल आपूर्ति, क्षेत्रीय सुरक्षा, डॉलर पर निर्भरता कम करने और वैकल्पिक व्यापार तंत्र जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है।