वो काली रात और हैवानियत का तांडव! फिर पेट्रोल मांगने के बहाने... दरिंदगी की कहानी सुनकर दहल जाएंगे आप

Edited By Updated: 17 Feb, 2026 08:58 AM

justice delivered in 10 months three hampi rapists sentenced to death

ऐतिहासिक नगरी हम्पी के पास पिछले साल हुई उस खौफनाक वारदात ने न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया को स्तब्ध कर दिया था। सनापुर झील के किनारे तारों की छांव में संगीत का आनंद ले रहे पर्यटकों पर कहर बरपाने वाले तीन दोषियों को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है।...

Hampi Rape & Murder Case : ऐतिहासिक नगरी हम्पी के पास पिछले साल हुई उस खौफनाक वारदात ने न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया को स्तब्ध कर दिया था। सनापुर झील के किनारे तारों की छांव में संगीत का आनंद ले रहे पर्यटकों पर कहर बरपाने वाले तीन दोषियों को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। गंगावती सिविल कोर्ट के जज सदानंद नागप्पा नाइक ने इस मामले को 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' (दुर्लभतम) करार दिया है।

वह काली रात और हैवानियत का तांडव

तारीख थी 6 मार्च 2025। रात के करीब 11 बजे हम्पी के पास सनापुर झील के किनारे एक होमस्टे संचालक और उसके चार मेहमान (महाराष्ट्र, ओडिशा, अमेरिका और इजरायल के पर्यटक) खुले आसमान के नीचे गिटार बजा रहे थे। शांति और संगीत के उस माहौल को भंग करने के लिए मोटरसाइकिल पर तीन युवक—मल्लेश, शरणबसव और चैतन्य साईं वहां पहुंचे।

पेट्रोल मांगने के बहाने शुरू हुआ खूनी खेल

आरोपियों ने पहले पेट्रोल पंप का पता पूछा और फिर जबरन पैसों की मांग करने लगे। जब पर्यटकों ने विरोध किया तो विवाद बढ़ गया। शांति बनाए रखने के लिए ओडिशा के पर्यटक बिभास ने उन्हें 20 रुपये दिए जिसे देख आरोपी आगबबूला हो गए। आरोपियों ने तीन पुरुष पर्यटकों को गहरी नहर में धक्का दे दिया। इस हादसे में बिभास की डूबने से मौत हो गई। दरिंदों ने होमस्टे संचालक और इजरायली महिला पर्यटक के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। जाते-जाते वे उनका बैग, मोबाइल और नगदी भी लूट ले गए।

10 महीने में डेथ वारंट पर मुहर

इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को गहरा धक्का पहुंचाया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया गया। महज 10 महीने की सुनवाई के बाद कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया:

  1. 7 फरवरी 2026: तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया गया।

  2. 16 फरवरी 2026: जज ने तीनों को मौत की सजा (Hanging) का आदेश दिया।

कोर्ट की टिप्पणी: समाज पर कलंक

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि पर्यटकों के साथ ऐसी दरिंदगी समाज पर कलंक है। यह फैसला उन पीड़ितों के लिए न्याय की जीत है जिन्होंने उस रात न केवल शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना झेली बल्कि अपने एक साथी को हमेशा के लिए खो दिया।

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!