व्हाट्सएप कॉल पर चीखें और खून! अज़रबैजान की वो खौफनाक रात, जब भारत ने 'ऑपरेशन महीसागर' से रचा इतिहास, जानें पूरा मामला

Edited By Updated: 13 Feb, 2026 02:02 PM

mumbai agents sold in azerbaijan in the name of america

गुजरात के आनंद जिले के दो नागरिकों के लिए अमेरिका जाने का सपना उस समय एक भयानक सपने में बदल गया, जब उन्हें 'डंकी रूट' (अवैध रास्ता) के जरिए अज़रबैजान ले जाकर किडनैप कर लिया गया। 22 वर्षीय ध्रुव पटेल और 32 वर्षीय दीपिका पटेल को अज़रबैजान की राजधानी...

नेशनल डेस्क: गुजरात के आनंद जिले के दो नागरिकों के लिए अमेरिका जाने का सपना उस समय एक भयानक सपने में बदल गया, जब उन्हें 'डंकी रूट' (अवैध रास्ता) के जरिए अज़रबैजान ले जाकर किडनैप कर लिया गया। 22 वर्षीय ध्रुव पटेल और 32 वर्षीय दीपिका पटेल को अज़रबैजान की राजधानी बाकू में बंधक बनाकर बेरहमी से पिटाई की और उनके परिजनों को लाइव वीडियो कॉल पर टॉर्चर दिखाया गया।
क्या है पूरा मामला?

ध्रुव और दीपिका ने 30 जनवरी को मुंबई के कुछ एजेंटों के झांसे में आकर अमेरिका के लिए उड़ान भरी थी। एजेंटों ने उन्हें 'डंकी रूट' के जरिए अवैध तरीके से अमेरिका पहुंचाने का लालच दिया था। 1 फरवरी को बाकू पहुंचते ही अज्ञात बदमाशों ने उनका अपहरण कर लिया और उन्हें एक सुनसान घर में कैद कर दिया।

लाइव वीडियो कॉल पर टॉर्चर और किडनी निकालने की धमकी

परिजनों के अनुसार किडनैपर्स ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए उनसे संपर्क किया। उन्होंने लाइव कॉल पर ध्रुव को बेरहमी से पीटा और फिरौती की मांग की। अपहरणकर्ताओं ने धमकी दी कि अगर पैसे नहीं मिले, तो वे दोनों की किडनी निकालकर ब्लैक मार्केट में बेच देंगे। डर के मारे परिवार ने नकद और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए 65 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया, लेकिन बदमाशों की मांगें बढ़ती ही गईं।

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 24 घंटे में रेस्क्यू

जब मामला आनंद के सांसद मितेश पटेल के पास पहुंचा, तो उन्होंने तुरंत दिल्ली जाकर विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की। विदेश मंत्रालय (MEA) की सक्रियता और बाकू में भारतीय दूतावास के साथ तालमेल के बाद एक विशेष अभियान चलाया गया, जिसे ऑपरेशन महीसागर नाम दिया गया।

सांसद मितेश पटेल ने बताया

विदेश मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद महज 24 घंटे के भीतर दोनों को सुरक्षित बचा लिया गया और उन्हें बाकू में भारतीय दूतावास लाया गया। प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री की तत्परता से इन मासूमों को नई जिंदगी मिली है। जांच में सामने आया है कि इस किडनैपिंग के पीछे 'बाबा खान' नाम के एक ईरानी शख्स और पवन रॉकी का हाथ होने का संदेह है। यह गिरोह पहले भी गुजरात के युवाओं को निशाना बना चुका है। आनंद पुलिस अब उन पांच मुंबई स्थित एजेंटों की तलाश कर रही है जिन्होंने इन दोनों को मौत के इस रास्ते पर धकेला था।

सावधानी की अपील

भारत सरकार और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे विदेश जाने के लिए 'शॉर्टकट' या 'डंकी रूट' जैसे जानलेवा रास्तों का चुनाव न करें और फर्जी एजेंटों के झांसे में आने से बचें।

 

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