Edited By Anu Malhotra,Updated: 17 Feb, 2026 10:22 AM

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने साल 2026 की 10वीं बोर्ड परीक्षाओं को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है, जो उन छात्रों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो पहली परीक्षा को गंभीरता से नहीं लेते। अक्सर देखा गया है कि छात्र व्यक्तिगत या...
नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 10 के सभी छात्रों के लिए पहली बोर्ड परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य होगा। बोर्ड ने कहा कि जो छात्र पहली परीक्षा में कम से कम तीन विषयों में शामिल नहीं होंगे, उन्हें “आवश्यक दोहराव” (Essential Repeat) श्रेणी में रखा जाएगा।
CBSE 2026 से कक्षा 10 के लिए साल में दो बार बोर्ड परीक्षा आयोजित कर रहा है। यह स्पष्टिकरण कुछ छात्रों द्वारा की गई मांगों के बाद आया, जिनमें यह अनुरोध किया गया था कि जो छात्र पहली बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए, उन्हें दूसरी परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाए।
मुख्य बातें:
-
सभी छात्रों के लिए पहली बोर्ड परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है।
-
यदि किसी छात्र ने पहली परीक्षा में तीन या अधिक विषयों में भाग नहीं लिया, तो वह दूसरी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेगा और उसे “आवश्यक दोहराव” श्रेणी में रखा जाएगा। ऐसे छात्र अगली साल फरवरी में आयोजित मुख्य परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।
-
जिन छात्रों को पहली परीक्षा में कम्पार्टमेंट मिला है, उन्हें दूसरी परीक्षा में कम्पार्टमेंट श्रेणी में शामिल होने की अनुमति होगी।
-
कक्षा 10 पास करने के बाद अतिरिक्त विषय नहीं लिए जा सकेंगे।
CBSE परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने कहा, “नीति के अनुसार, यदि किसी कारणवश छात्र मुख्य परीक्षा में तीन या अधिक विषयों में उपस्थित नहीं हो पाता, तो उसे दूसरी बोर्ड परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे किसी भी अनुरोध का जवाब नहीं दिया जाएगा।”
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत बदलाव:
नई NEP के अनुसार, बोर्ड और प्रवेश परीक्षाओं को इस तरह से पुनर्गठित किया जाएगा कि छात्रों को कोचिंग पर निर्भर न रहना पड़े। बोर्ड परीक्षाओं को छात्रों के सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करने के लिए फिर से डिज़ाइन किया जाएगा। छात्रों को अपनी व्यक्तिगत रुचियों के अनुसार विषय चुनने की सुविधा दी जाएगी। कक्षा 10 और कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाएं मंगलवार से शुरू हो रही हैं, जिसमें भारत और विदेशों से 46 लाख से अधिक छात्र शामिल होंगे।