Edited By jyoti choudhary,Updated: 16 Feb, 2026 03:32 PM

16 फरवरी को भारतीय शेयर बाजारों में दिनभर तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कमजोरी के बाद बाजार ने जोरदार रिकवरी की और बाजार हरे निशान पर बंद हुआ। BSE Sensex 650.39 अंक की तेजी के साथ 83,277.15 पर आ गया। वहीं Nifty में 211.65 अंकों का उछाल आया,...
बिजनेस डेस्कः 16 फरवरी को भारतीय शेयर बाजारों में दिनभर तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कमजोरी के बाद बाजार ने जोरदार रिकवरी की और बाजार हरे निशान पर बंद हुआ। BSE Sensex 650.39 अंक की तेजी के साथ 83,277.15 पर आ गया। वहीं Nifty में 211.65 अंकों का उछाल आया, ये 25,682.75 के स्तर पर बंद हुआ।
बाजार में उठापटक के 3 बड़े कारण
1. वैल्यू बायिंग का सपोर्ट
शुक्रवार की भारी गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी की। खासतौर पर रियल्टी, फार्मा और FMCG सेक्टर में अच्छी लिवाली देखने को मिली।
गौरतलब है कि पिछले सत्र में सेंसेक्स 1,048 अंकों की गिरावट के साथ 82,626 पर और निफ्टी 336.10 अंक टूटकर 25,471.10 पर बंद हुआ था। इसी गिरावट के बाद निवेशकों ने कई शेयरों में वैल्यू बायिंग का मौका देखा।
2. ग्लोबल बाजारों से मिले-जुले संकेत
एशियाई बाजारों का रुख आज मिश्रित रहा। Hang Seng Index करीब 0.4% चढ़ा, जबकि Nikkei 225 लगभग सपाट बंद हुआ।
चीन और दक्षिण कोरिया के बाजार लूनर न्यू ईयर की छुट्टियों के कारण बंद रहे। वहीं अमेरिकी बाजार भी पिछले सत्र में मिश्रित स्तर पर बंद हुए थे। इन वैश्विक संकेतों ने घरेलू बाजार में अस्थिरता को बढ़ाया।
3. रुपए में हल्की कमजोरी
डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 1 पैसे की गिरावट के साथ 90.67 पर आ गया। इंटरबैंक फॉरेक्स मार्केट में रुपया 90.63 पर खुला और कारोबार के दौरान 90.67 प्रति डॉलर तक फिसल गया।
फॉरेक्स ट्रेडर्स के अनुसार, विदेशी निवेशकों की बिकवाली, कच्चे तेल की कीमतों में हल्की तेजी और विदेशी मुद्रा भंडार में कमी ने रुपए पर दबाव बनाया।
कुल मिलाकर, दिनभर की इस उठापटक के बीच बाजार ने निचले स्तरों से संभलने की कोशिश दिखाई, लेकिन वैश्विक संकेत और मुद्रा बाजार की हलचल आगे की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।