के. अन्नामलाई का बड़ा ऐलान- तमिलनाडु में लाएंगे आम आदमी की राजनीति, व्यक्ति-प्रधान कल्चर को करेंगे खत्म

Edited By Updated: 05 Jun, 2026 06:21 PM

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भाजपा की तमिलनाडु इकाई के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने कहा कि वह "आम आदमी की राजनीति" लाने के उद्देश्य से एक नई राजनीतिक यात्रा शुरू कर रहे हैं, जो पारंपरिक व्यक्ति-प्रधान राजनीति से दूर होगी और चाटुकारिता और वंशानुगत सत्ता को खारिज करेगी।...

नेशनल डेस्क: भाजपा की तमिलनाडु इकाई के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने कहा कि वह "आम आदमी की राजनीति" लाने के उद्देश्य से एक नई राजनीतिक यात्रा शुरू कर रहे हैं, जो पारंपरिक व्यक्ति-प्रधान राजनीति से दूर होगी और चाटुकारिता और वंशानुगत सत्ता को खारिज करेगी। अन्नामलाई ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी छोड़ दी थी। इस तरह के नए राजनीतिक आंदोलन की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यह नाम के बारे में नहीं, बल्कि एक विचार के बारे में होगा।

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पूर्व आईपीएस अधिकारी ने सोशल मीडिया पर अपने संबोधन में उनके राजनीतिक दृष्टिकोण की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा, "आइए हम खुद को बदलें, और बदलाव स्वाभाविक रूप से होगा... आंदोलन का मूल सिद्धांत है कि खुद को बदलें और बदलाव लाएं (मारुवोम, मातृवोम)।" अन्नामलाई (42) ने "पंथवादी राजनीति" से दूर जाने की इच्छा व्यक्त करते हुए कहा कि वह इसके बजाय "आम आदमी" की राजनीति करेंगे, जो लोगों की जरूरतों को प्राथमिकता देती है। उन्होंने हालांकि स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन मौजूदा पार्टियों के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं कर रहा है। उन्होंने संबोधन में कहा, "हम यहां किसी से प्रतिस्पर्धा करने के लिए नहीं हैं।

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सत्ताधारी पार्टी और विपक्षी पार्टियां जो भी हों, उन्हें अपनी नीतियां व्यक्त करने दीजिए, और हम भी उचित समय पर अपनी नीतियां व्यक्त करेंगे।" उन्होंने कहा, "हमारी राजनीति सिर्फ विरोध करने के लिए नहीं है। तमिलनाडु में हम द्रमुक, अन्नाद्रमुक, एनटीके, सीमन (एनटीके के संस्थापक), अंबुमणि (पीएमके नेता), जी.के. वासन (टीएमसी नेता), ए.सी. शणमुगम, पारिवेंधर, जॉन पांडियन, कृष्णासामी, वाइको, प्रेमलता मैडम को जिस नजरिए से देखते हैं, ठीक उसी नजरिए से मैं भारतीय जनता पार्टी को देखूंगा।" अन्नामलाई ने कहा कि तमिल संस्कृति के अनुसार, उनका सिद्धांत किसी संगठन को सम्मानपूर्वक सूचित करके उससे बाहर निकलना था और उन्होंने भाजपा से अपने प्रस्थान को तमिल सद्गुण का विस्तार बताया। 

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