Edited By Anu Malhotra,Updated: 23 Jan, 2026 03:26 PM

कानपुर में कानून-व्यवस्था और आर्थिक अपराधों पर नकेल कसने के प्रयासों को पुलिस कमिश्नरेट ने ठोस सफलता दिलाई है। क्राइम ब्रांच की टीम को गुप्त सूचना मिली कि धनकुट्टी इलाके के एक densely populated मकान में हवाला और अवैध मुद्रा लेन-देन का बड़ा नेटवर्क...
नेशनल डेस्क: कानपुर में कानून-व्यवस्था और आर्थिक अपराधों पर नकेल कसने के प्रयासों को पुलिस कमिश्नरेट ने ठोस सफलता दिलाई है। क्राइम ब्रांच की टीम को गुप्त सूचना मिली कि धनकुट्टी इलाके के एक densely populated मकान में हवाला और अवैध मुद्रा लेन-देन का बड़ा नेटवर्क चल रहा है। इस सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में पुलिस ने भारी मात्रा में नकद और कीमती धातुएं जब्त कीं।
मौके से लगभग 2 करोड़ रुपये कैश और 61 किलोग्राम चांदी बरामद की गई, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत भी लगभग 2 करोड़ रुपये है। इसके अलावा नेपाली मुद्रा भी पुलिस के हाथ लगी, जो इस रैकेट के अंतरराष्ट्रीय दायरे की ओर इशारा करती है।
चार गिरफ्तार, गुप्ता परिवार से जुड़ा मकान
छापेमारी के दौरान 4 आरोपियों को हिरासत में लिया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार यह मकान किसी गुप्ता परिवार से संबंधित बताया जा रहा है। कार्रवाई की जानकारी मिलते ही पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल और ज्वाइंट कमिश्नर विनोद कुमार भी मौके पर पहुंचे और पूरी निगरानी की। यह ऑपरेशन कानपुर पुलिस की व्यापक मुहिम का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य अवैध धन संचय, हवाला कारोबार और काला धन के नेटवर्क को तोड़ना है।
पुलिस का बयान
ADCP सुमित सुधाकर रामटेके ने मीडिया को बताया, "हमें गुप्त सूचना मिली थी और उसके आधार पर मकान में छापा मारा गया। 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। बरामदगी में लगभग 2 करोड़ नकद, 61 किलोग्राम चांदी और नेपाली करेंसी शामिल हैं। जांच में पता चला है कि यह गिरोह और बड़ा हो सकता है। हम आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रहे हैं और उनके नेटवर्क, स्रोत, प्राप्तकर्ता और अन्य संदिग्ध ठिकानों की तलाश जारी है। जैसे ही नए तथ्य मिलेंगे, उन्हें साझा किया जाएगा।"
नेपाल तक फैले होने के संकेत
पुलिस का मानना है कि यह रैकेट न केवल कानपुर और आसपास के इलाकों में सक्रिय था, बल्कि इसके जरिए देश-विदेश में अवैध धन का लेन-देन किया जा रहा था। नेपाली मुद्रा की बरामदगी से संकेत मिलता है कि यह नेटवर्क नेपाल तक फैला हुआ हो सकता है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ऐसे रैकेट न सिर्फ अर्थव्यवस्था के लिए खतरा हैं, बल्कि ये आतंकवाद, तस्करी और अन्य अपराधों के वित्तपोषण में भी योगदान दे सकते हैं।
बैंक खातों, मोबाइल डेटा और संपत्तियों की जांच
अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल डेटा, संपत्तियों और सहयोगियों की गहन जांच की जा रही है। इस कार्रवाई ने कानपुरवासियों के बीच पुलिस पर भरोसा और बढ़ाया है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और छापेमारी की संभावना है, ताकि इस तरह के रैकेट को जड़ से समाप्त किया जा सके। कानपुर पुलिस कमिश्नरेट की यह सफलता इस बात का उदाहरण है कि सतर्कता, समन्वय और गहन जांच से बड़े आर्थिक अपराधों को नियंत्रित किया जा सकता है। जांच अभी जारी है और जल्द ही और खुलासे होने की उम्मीद है।