Edited By Anu Malhotra,Updated: 03 Jul, 2026 10:38 AM

पुणे के किले में हुए चर्चित मर्डर केस की जांच के दौरान, मुख्य आरोपी सिया गोयल को पुलिस ले जा रही थी। इस दौरान वह मीडियाकर्मियों को 'मिडिल फिंगर' (बीच वाली उंगली) दिखाती हुई कैमरे में कैद हो गईं। वीडियो में गुरुवार को पुणे के मार्केट यार्ड इलाके में...
पुणे: पुणे के किले में हुए चर्चित मर्डर केस की जांच के दौरान, मुख्य आरोपी सिया गोयल को पुलिस ले जा रही थी। इस दौरान वह मीडियाकर्मियों को 'मिडिल फिंगर' (बीच वाली उंगली) दिखाती हुई कैमरे में कैद हो गईं। वीडियो में गुरुवार को पुणे के मार्केट यार्ड इलाके में स्थित सिया के घर से पुलिस उन्हें जांच के सिलसिले में बाहर ले जाती हुई दिखी। काले रंग की टी-शर्ट पहने और चेहरे पर प्रिंटेड स्कार्फ लपेटे हुए, उन्होंने बाहर जमा पत्रकारों की ओर थोड़ी देर देखा और फिर कैमरों की तरफ अपनी मिडिल फिंगर उठाई।
यह वीडियो तेज़ी से वायरल हो गया और ऑनलाइन यूज़र्स ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। कई लोगों ने उनके व्यवहार की आलोचना की और कहा कि उन पर लगे गंभीर आरोपों को देखते हुए उनका यह इशारा असंवेदनशील और गलत था।
पुलिस के मुताबिक, सिया गोयल और उनके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने 18 जून को पुणे के पास लोहगढ़ किले में बिजनेसमैन केतन अग्रवाल को खाई में धकेलकर उनकी हत्या करने की साजिश रची थी। शुरू में, सिया ने जांचकर्ताओं को बताया था कि केतन गलती से फिसलकर गिर गए थे, जिसके बाद पुलिस ने इसे दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज किया था।
हालांकि, बाद में पूछताछ के दौरान उनके बयानों और व्यवहार में विसंगतियां ( inconsistencies) मिलने पर जांचकर्ताओं को शक हुआ। इसके बाद जांच में ऐसे सबूत मिले जिनके आधार पर हत्या और आपराधिक साजिश के आरोप में सिया और चेतन दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने बताया कि सिया और केतन के परिवारों ने उनकी शादी तय कर दी थी और शादी इस साल नवंबर में होनी थी। जांचकर्ताओं का आरोप है कि चेतन सिया की सगाई से खुश नहीं थे और केतन को अपने रिश्ते में बाधा मानते थे, जिसके चलते दोनों ने कथित तौर पर हत्या की योजना बनाई।
जांच के अनुसार, सिया ने कथित तौर पर 14 जून को भी केतन को किले से धक्का देकर मारने की कोशिश की थी। वह चट्टान के किनारे झाड़ियों को पकड़कर बच गए थे। पुलिस का दावा है कि इसके बाद सिया ने ध्यान भटकाने और केतन को भरोसा दिलाने के लिए सांप दिखने का नाटक किया था।
जांचकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि बाद में उन्होंने केतन को दोबारा किले पर जाने के लिए मनाया, जहां चेतन भी पहुंच गए। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने पीछे से केतन को खाई में धकेल दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। दोनों आरोपियों को वड़गांव कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां पुणे ग्रामीण पुलिस उनकी कस्टडी बढ़ाने की मांग करेगी, जबकि बचाव पक्ष के न्यायिक हिरासत की मांग करने की उम्मीद है।