यूरोप में "साइलेंट किलर" से घर बने ओवन; स्पेन में 1000 से अधिक मौतें, हंगरी और स्लोवाकिया में भी तापमान के टूटे रिकार्ड (Video)

Edited By Updated: 02 Jul, 2026 12:24 PM

hungary slovakia hit new temperature records threat hangs over tour de france

यूरोप में रिकॉर्डतोड़ हीटवेव ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। हंगरी और स्लोवाकिया में नए तापमान रिकॉर्ड बने, स्पेन में जून में 1,000 से अधिक गर्मी से मौतें हुईं और फ्रांस के अस्पताल अगली लू के लिए तैयार हैं। विशेषज्ञों ने इसे जलवायु परिवर्तन का...

International Desk: यूरोप इस समय वर्षों की सबसे भीषण गर्मी झेल रहा है। फ्रांस, स्पेन, हंगरी, स्लोवाकिया, इटली, पुर्तगाल और बाल्कन देशों में तापमान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। कई देशों में स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ गया है, जल संकट गहरा गया है और सरकारों को आपात कदम उठाने पड़ रहे हैं।स्लोवाकिया के कामेनिका नाद ह्रोनोम में तापमान 41.3°C दर्ज किया गया, जो देश का अब तक का सर्वाधिक तापमान है। हंगरी के सेचेनी (Szécsény) में पारा 42°C तक पहुंच गया, जिसने 2007 का 41.9°C का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया। इन रिकॉर्डों ने पूरे मध्य यूरोप में भीषण गर्मी की गंभीरता को उजागर कर दिया है।

 

स्पेन में जून में 1,000 से अधिक लोगों की मौत
स्पेन के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार जून महीने में 1,000 से अधिक लोगों की मौत गर्मी से जुड़ी वजहों से हुई। यह पिछले वर्ष की तुलना में कहीं अधिक है। वहीं, 2026 का पहला छह महीनों का दौर स्पेन के इतिहास का सबसे गर्म पहला अर्धवार्षिक काल दर्ज किया गया।

 

फ्रांस में अस्पताल हाई अलर्ट पर
फ्रांस में जून के दौरान तापमान 40.9°C तक पहुंच गया। गर्मी से मौतों की संख्या बढ़ने के बाद अस्पतालों को अगली हीटवेव के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।अस्पतालों में ठंडे पानी के स्नान (Cold-water baths) की व्यवस्था की जा रही है। अतिरिक्त कूलिंग सिस्टम लगाए जा रहे हैं। बुजुर्गों और गंभीर मरीजों की विशेष निगरानी की जा रही है। 



पुर्तगाल में 44°C तक पहुंच सकता है तापमान
पुर्तगाल के मौसम विभाग ने लिस्बन, सेतुबाल, लेइरिया और कोइम्ब्रा क्षेत्रों में रेड अलर्ट जारी किया है। आने वाले दिनों में कुछ इलाकों में तापमान 44°C तक पहुंचने की आशंका है। पेरिस के 21 वर्षीय छात्र यूलिस ज़ाकरी ने बताया कि उनका छोटा कमरा कुछ घंटों की धूप के बाद इतना गर्म हो जाता है कि वहां रहना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने बताया कि 

  • घर के अंदर साबुन पिघल गए।
  • शराब की बोतलों के कॉर्क गर्मी से बाहर निकल आए।
  • रात में सोने के लिए गीले तौलिये का सहारा लेना पड़ता है।
  • लोग खिड़कियों पर एल्यूमिनियम फॉयल लगाकर धूप रोकने की कोशिश कर रहे हैं।

 

यूरोप में AC कम क्यों ?
विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका और जापान के लगभग 90% घरों में एयर कंडीशनर हैं। यूरोप में यह आंकड़ा केवल करीब 25% है। इसका कारण यह है कि यूरोप के अधिकांश घर ठंड से बचाव के लिए बनाए गए थे। मोटी दीवारें और अधिक इंसुलेशन सर्दियों में तो लाभदायक हैं, लेकिन अब वही घर गर्मियों में गर्मी को भीतर फंसा देते हैं।

 

WHO की चेतावनी 
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अत्यधिक गर्मी को "साइलेंट किलर" बताया है। संगठन का कहना है कि मौजूदा हीटवेव भविष्य की और भी गर्म गर्मियों की एक चेतावनी है और यूरोप को अपने शहरों, स्वास्थ्य व्यवस्था और भवन निर्माण की नीति में बड़े बदलाव करने होंगे। जलवायु वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान यूरोपीय हीटवेव मानव-जनित जलवायु परिवर्तन के बिना लगभग असंभव थी। बढ़ते वैश्विक तापमान के कारण ऐसी चरम गर्मी अब पहले की तुलना में अधिक बार और अधिक तीव्रता से देखने को मिल रही है।

 

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