Edited By Radhika,Updated: 15 Apr, 2026 12:16 PM

बिहार की राजनीति में ऐतिहासिक मोड़ आया है। बीते दिन नीतीश कुमार ने सीएम पद से इस्तीफा दिया था, जिसके बाद BJP ने सम्राट चौधरी को नया सीएम चुना है। दशकों के इंतजार के बाद BJP पहली बार पूर्ण रूप से मुख्यमंत्री पद संभालेगी। जानकारी के लिए बता दें कि...
नेशनल डेस्क: बिहार की राजनीति में ऐतिहासिक मोड़ आया है। बीते दिन नीतीश कुमार ने सीएम पद से इस्तीफा दिया था, जिसके बाद BJP ने सम्राट चौधरी को नया सीएम चुना है। दशकों के इंतजार के बाद BJP पहली बार पूर्ण रूप से मुख्यमंत्री पद संभालेगी। जानकारी के लिए बता दें कि सम्राट चौधरी ने आज सीएम पद की शपथ ली है। RSS या BJP से सीधा जुड़ाव न होने के बावजूद सम्राट चौधरी ने बिहार BJP में अपनी मजबूत जड़ें जमाईं और कई दिग्गज नेताओं को पीछे छोड़ दिया।
RJD से की राजनीतिक सफर की शुरुआत
RJD के जरिए सम्राट चौधरी ने राजनीति में कदम रखा। उनके पिता शकुनी चौधरी, जो OBC के प्रमुख चेहरे रहे और कांग्रेस से RJD तक कई पार्टियों में सक्रिय थे, से उन्हें सियासी विरासत मिली। सम्राट में1990 के दशक में RJD जॉइन की, जिसके बाद 1999 में राबड़ी देवी कैबिनेट में सबसे युवा मंत्री बने। बाद में उन्हें उम्र विवाद के कारण इस्तीफा देना पड़ा। 2010 में विधायक बने और RJD के मुख्य सचेतक तक पहुंचे।
RJD से JD (U) तक का सफर
बिहार में बदलती हुई सियासत को देखते हुए सम्राट चौधरी RJD छोड़ JD(U) में शामिल हो गए। 2014 में नीतीश सरकार को समर्थन देकर जीतन राम मांझी सरकार में मंत्री बने। पार्टी में नीतीश की वापसी पर सम्राट कैबिनेट का हिस्सा न बने, जिसके चलते उन्होंने 2017 में फिर से BJP ज्वाइन कर ली।

2019 में BJP में हुए शामिल
BJP में शामिल होने के 2019 में प्रदेश उपाध्यक्ष बने। इसके बाद 2022 में नीतीश के RJD गठबंधन के बाद विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और 2023 में प्रदेश अध्यक्ष चुने गए। 'मुरेठा' बांधकर नीतीश के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया, जिससे वे BJP के का एक उभरता हुआ चेहरा बने। इसके बाद उन्होंने कोइरी-कुशवाहा वोटबैंक को मजबूत कर 2025 चुनाव जीतकर डिप्टी CM का पद हासिल किया और नीतीश के उत्तराधिकारी के रूप में सामने आए।
अब CM बनने को तैयार
तारापुर से विधायक चुने जाने के बाद सम्राट ने BJP कार्यकर्ताओं की आवाज को बुलंद किया, जिससे बिहार में पार्टी को नई ऊंचाई मिली। नीतीश के इस्तीफे के बाद सर्वसम्मति से नेता चुने गए। OBC चेहरा, कुशल रणनीतिकार और मजबूत प्रशासक के रूप में उनका कद हमेशा बढ़ता रहा। बिहार BJP के पहले CM के तौर पर उन्होंने इतिहास रच दिया है।